गाजियाबाद। डासना में सात वर्ष पूर्व मिट्टी का तेल डालकर विवाहिता की हत्या करने के दोषी पति और सास को अदालत ने आठ-आठ वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मलचंद सेमवाल ने दोनों दोषियों पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय त्यागी ने बताया कि हापुड़ की त्रिलोकपुरी निवासी हसरत अली ने अपनी बेटी रुबीना की शादी वर्ष 2015 में डासना के मयूर विहार निवासी फिरोज के साथ की थी। शादी में मिले दहेज से फिरोज और उसका परिवार खुश नहीं था। आए दिन ससुराल के लोग और दहेज लाने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर फिरोज ने अपनी मां शकीला बेगम के साथ मिलकर दो फरवरी 2017 को रुबीना पर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी थी। रुबीना को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले की सूचना मृतक के पिता हसरत अली को फिरोज के पड़ोसियों ने दी। सूचना के बाद हसरत अली मौके पर पहुंचे, उन्होंने मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए दामाद फिरोज और समधन शकीला बेगम को नामजद कराया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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डाॅ.दिनेश मालिक