गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमारमण को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए बचाव पक्ष ने बहस की। प्रवर्तन निदेशालय का पक्ष जानने के लिए ईडी कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सुनवाई तय की थी। ईडी की ओर से प्रार्थना पत्र दाखिल जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। प्रवर्तन निदेशालय अदालत ने अगली सुनवाई के लिए छह नवंबर की तारीख लगाई है। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 से 2016 के बीच रमारमण नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ रहे। आरोप है कि पूर्व सीईओ रमारमण समेत कई आईएएस अधिकारियों ने तैनाती के दौरान बिल्डरों को गलत तरीके से भूखंड दिया। इस मामले की जांच ईडी कर रही है। संभावित समस्या को देखते हुए रमारमण की ओर से उनके अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत दिलाने के लिए अदालत में अर्जी लगाई है। बचाव पक्ष के वकीलों ने जमानत अर्जी पर बहस की।