गाजियाबाद। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के रविवार को घोषित हुए आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) के नतीजों ने विद्यार्थियों को खुश होने का पूरा मौका दिया। आईसीएसई 10वीं में राजनगर स्थित सेंट पॉल एकेडमी के छात्र अर्ली जोसेफ और ईशान गोयल ने 99 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉप किया। आईएससी 12वीं में नेहरूनगर होली चाइल्ड स्कूल की छात्रा कीर्ति मिश्रा 97.25 प्रतिशत अंक लाकर जिला टॉपर बनीं।
10वीं में दूसरा स्थान होली एंजल्स स्कूल के छात्र अर्नव सिंह ने 98.6 प्रतिशत, तीसरा स्थान मॉडर्न स्कूल के छात्र पीयूष मिश्रा और सेंट जोसेफ एकेडमी नंदग्राम के छात्र कार्तिकेय शर्मा ने 98.4 फीसदी अंक हासिल कर प्राप्त किया। वहीं 12वीं में दूसरा स्थान सेंट पॉल एकेडमी राजनगर व कोणार्क स्कूल की ईनाक्षी गुप्ता ने 97 प्रतिशत अंक और तीसरा स्थान सेंट पॉल एकेडमी की छात्रा छवि पाल ने 96.5 प्रतिशत अंक हासिल किए।
आईसीएसई 10वीं टॉपर: 99 प्रतिशत
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं ईशान गोयल
आईसीएसई दसवीं में 99 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप करने वाले सेंट पॉल एकेडमी राजनगर के छात्र ईशान सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। नेहरूनगर द्वितीय के रहने वाले ईशान के पिता राजेश गोयल प्राइवेट कंपनी कर्मचारी और मां रितु गोयल गृहणी हैं। उन्होंने बगैर कोचिंग के खुद नोट्स बनाकर रोजाना तीन से चार घंटे नियमित पढ़ाई की। आईआईटी दिल्ली में सीएस में प्रवेश की तैयारी के लिए जुटे ईशान को किताबें पढ़ना और गायन का शौक है।
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आईसीएसई 10वीं टॉपर : 99 प्रतिशत
बगैर ट्यूशन की पढ़ाई, डॉक्टर बनना है अर्ली जोसेफ का लक्ष्य
सेंट पॉल एकेडमी राजनगर के छात्र अर्ली जोसेफ ने भी 99 फीसदी अंक हासिल कर जिला टॉप किया है। अर्ली जोसेफ ने बगैर ट्यूशन लिए घर पर ही पढ़ाई की। 11वीं में पीसीएमबी लेने वाले अर्ली डॉक्टर बनना चाहते हैं। पिता जोसेफ पीए दुबई में कार्यरत हैं, जबकि मां सीजी जोसेफ एक्सपोर्ट कंपनी में कार्यरत हैं। शतरंज के शौकीन अर्ली सीआईएससीई के जोनल चेस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उनकी बहन आगना जोसेफ भी 12वीं में 93.6 प्रतिशत अंक लाकर उत्तीर्ण हुई हैं।
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आईएससी 12वीं टॉपर: 97.25 प्रतिशत
स्पेस रिसर्चर बनना चाहतीं हैं कीर्ति मिश्रा
गगन एंक्लेव निवासी होली चाइल्ड स्कूल की छात्रा कीर्ति मिश्रा 97.25 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉपर बनीं। कीर्ति का लक्ष्य आईआईटी में दाखिला लेकर स्पेस रिसर्चर बनने का है। पिता गौरव मिश्रा एक इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत हैं तो मां प्रतिभा मिश्रा गृहणी हैं। उन्होंने भी बगैर कोचिंग के खुद के नोट्स बनाकर पढ़ाई की। आईआईटी में प्रवेश के मिशन के मद्देनजर कीर्ति ने जेईई मेंस और एडवांस की तैयारी शुरू कर दी है।