खोड़ा। 13 सितंबर की रात चौधरी चरण सिंह गेट के पास लहूलुहान हालत में मिले ई-रिक्शा चालक दीपक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, राजेेंद्र और उसके भाई अमीचन्द चोरी के शक में दीपक की जमकर पिटाई की थी। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त बल्ला भी बरामद कर लिया है।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली के झिलमिल काॅलोनी निवासी दीपक ई-रिक्शा चलाता था। 13 सितंबर की रात दीपक को घायलावस्था में लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अगले दिन उसकी मौत हो गई। 19 सितंबर को दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर में चोट लगने से मौत की बात सामने आई। अस्पताल में दीपक को भर्ती कराने वालों का पता करके उनसे पूछताछ की गई। चौधरी चरण सिंह गेट के पास सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने घायल के एक दोस्त संदीप की पहचान की।
एसीपी के मुताबिक, संदीप ने बताया कि 13 सितंबर की रात वह और दीपक टाटा मैजिक गाड़ी में सो रहे थे। आरोप है कि देर रात में पार्किंग चलाने वाले राजेेंद्र और उसका भाई अमीचंद निवासी कोंडली हरिजन बस्ती थाना गाजीपुर ने दोनों पर चोरी के शक में लकड़ी के बल्ले से हमला कर दिया। दोनों बुरी तरह घायल होने के बाद आरोपियों के चंगुल से छुटकर भाग निकले और वहां से सीधे खोड़ा थाना क्षेत्र के चौधरी चरण सिंह गेट के पास आकर गिर पड़े। होश में आने पर संदीप वहां से भाग गया जबकि दीपक सड़क किनारे पड़ा रहा।
एसीपी का कहना हैै कि संदीप की शिकायत पर दोनों सगे भाइयों पर मुकदमा दर्ज किया गया। टीम ने दोनों को गुर्जर गेट प्रगति विहार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि दीपक और संदीप दोनों नशा करते थे। घटना की रात शक हुआ कि दोनों पार्किंग में खड़े वाहनों से बैटरी व अन्य सामान चुराने आए थे।