दिनदहाड़े 24 लाख का डाका
गाजियाबाद। 24 लाख का डाका डालने वाले बदमाशों ने गीता सरीन से कहा कि उनके पास घर में पूरे एक करोड़ रुपये होने की खबर है। वे पिता के इलाज के लिए लूट करने आए हैं। पिता का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसमें पानी की तरह पैसा बह रहा है। गीता ने बताया कि बदमाशों की हरकतें बहुत अजीबो गरीब थीं। पहले उनकी नाक में घूंसा मारा। खून निकलने लगा तो रुमाल दिया। बेटी को पीटा। उसे उल्टी आने लगी तो फ्रिज से लाकर पानी दिया।
गीता सरीन ने बताया कि बदमाशों ने घर में घुसते ही कहा कि हमारे पास पक्की खबर है, घर में एक करोड़ रुपये रखे हैं, पूरा कैश चुपचाप हमारे हवाले कर दो। वह चुप रहीं तो एक बदमाश बोला, हमें ये भी पता है कि पूरा कैश दो-दो हजार के नोटों में है। अगर जान प्यारी है तो देरी मत करो। गीता ने कहा कि घर में पैसा नहीं है।
इस पर एक बदमाश ने उन पर पिस्टल तानकर कहा कि तुरंत अलमारी की चाबी दो वरना गोली मार देंगे। बदमाश ने उनकी नाक पर घूंसा मारा, जिससे खून निकलने लगा। खून निकलता देख बदमाश बोला, अरे... अरे... अरे और उसने अपनी जेब से निकालकर रुमाल दिया और कहा कि लो इससे खून पोंछ लो। इसके बाद जब उन्हें और उनकी बेटी विधि को बंधक बना दिया तो एक बदमाश पिस्टल ताने खड़ा रहा। विधि को उल्टी आ गई। यह देख बदमाश भागकर गया और फ्रिज से पानी की बोतल लेकर आया। उसने विधि के मुंह से टेप हटाया और कहा कि पानी पी लो।
बाल संवारे, इत्र लगाया : पिस्टल ताने खड़े बदमाश की नजर कमरे में रखी इत्र की शीशी पर गई। उसने इसे उठाकर कमीज पर इत्र लगाया और बोला कि वाह बहुत अच्छी खुश्बू है, महंगा वाला सेंट है। उसे कंघा उठाकर अपने बाल संवारे और आइने में देखा। इसके बाद फिर से गीता और विधि पर पिस्टल तान दी।
बिटिया की शादी के लिए रखे थे गहने
राम सरीन ने बताया कि घर में गहने बिटिया की शादी के लिए रखे थे। बेटी विधि डेंटिस्ट है और राजनगर एक्सटेंशन में प्रैक्टिस करती है। उसकी शादी की बात चल रही थी। इसी की तैयारी कर रहे थे। बदमाश सब लूट ले गए। कुछ दिन पहले ही पिता राजकुमार का निधन हुआ है। इस कारण शादी में थोड़ा विलंब हो गया। सात लाख रुपये भाई विमल सरीन ने घर में रखवाए थे। उन्हें कुछ काम है। बदमाश इन्हें भी ले गए। कॉलोनी गेटबंद है, लेकिन गार्ड नहीं है। एक ही गेट खुला रहता है। बदमाश इसी से आए और इसी से गए।
2:10 बजे - बदमाश घर में घुसे
2:50 बजे - बदमाश घर से निकले।
3:00 बजे - पुलिस को सूचना दी गई।
3:10 बजे - पुलिस मौके पर पहुंच गई।
3:25 बजे - एसएसपी मौके पर पहुंचे।
7: 30 बजे - आईजी ने मुआयना किया।
फुटेज में नजर आए बदमाश
- घर में घुसे दो बदमाश मास्क लगाए हुए थे, एक का चेहरा खुला था।
- खुले चेहरे वाले बदमाश बीच-बीच में गमछे से चेहरा ढंक रहा था।
- बाइक पर आते-जाते समय बदमाशों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था।
- नकदी और गहने किसी बैग में नहीं, प्लास्टिक के कट्टे में भरकर ले गए।
- फुटेज से लग रहा है सभी बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है।
चार टीमें की हैं गठित
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि एसपी सिटी एसपी क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और स्वाट सहित चार टीमें गठित की हैं। फुटेज देखे जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा हो जाएगा।
सुरक्षा के दावों की खुली पोल चेकिंग में भी बरती गई ढिलाई
त्योहारों पर कड़ी सुरक्षा के दावों की पोल बदमाशों ने दिनदहाड़े डाका डालकर खोल दी। बदमाश आए, 40 मिनट तक घर में रहे और आराम से चले गए। कहीं भी चेकिंग नहीं हो रही थी। डकैती की सूचना पर भी पुलिस ने चेकिंग की रस्म अदायगी की। ऐसे मौकों के लिए नाकाबंदी योजना बनी है। इसमें ठीक से चेकिंग की जाए तो दावा है कि बदमाश शहर से बाहर नहीं निकल सकते। इसी के तहत चेकिंग के निर्देश दिए गए लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। थोड़ी देर में ही चेकिंग थम गई। शाम को कई जगह चेकिंग के लिए लगे बैरियर सूने नजर आए।
20 दिन में चौथी बार आए बदमाश
गाजियाबाद। नेहरु नगर में बदमाश लूटपाट की कोशिश कई दिनों से कर रहे थे। डकैती से पहले तीन बार दस्तक दे चुके थे लेकिन गेट नहीं खुला था। पड़ोस में रहने वाले सेना से सेवानिृत्त राम स्वरूप लांबा की पुत्रवधू अंजू ने बताया कि 20 दिन पहले दोपहर के समय करीब तीन बजे तीन चार युवक आए और डोर बेल बजाकर पानी मांगा। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पानी की बोतल थैले में लटकाकर देने की बात कही। जब वह बालकनी में पानी देने के लिए गए तो वे लोग कार में बैठकर चले गए। साफ हो गया कि वे बदमाश थे और वारदात के इरादे से आए थए। दस दिन पहले फिर उनके दरवाजे पर दस्तक दी गई लेकिन इस बार उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। कुछ दिन पहले रात के समय करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने कई बार डोरबेल बजाई। इस पर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने देखा तो बाहर की लाइट बंद कर दी और पुलिस को सूचना दी।