पुनः प्रेषित रश्मि ओझा गाजियाबाद। जिले के विभिन्न कंपनियां अब इस मुसीबत के समय में कोरोना की लड़ाई लड़ रहे डाक्टरों की जान बचाने के लिए आगे आई हैं। ये कंपनियां अब लॉकडाउन के दौरान पीपीई किट बनाकर देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई कर रही हैं। जिले की 10 कंपनियों की पीपीई किट डीआरडीओ,आर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड और सिट्रा से पास होने के चुकी है। इसके बाद से ये कंपनियां रात दिन काम कर प्रतिदिन 20 हजार पीपीई किट तैयार कर रही हैं। कंपनी की किट मेडिकल कांउसिल आफ इंडिया से भी पास हो चुकी है। इन कंपनियों में दिन रात 24 घंटे काम हो रहा है। तीन शिफ्टों में कंपनियां 20 किट बनाकर तैयार कर रही है। जिला उद्योग केद्र के प्रबंधक विरेन्द्र सिंह बताते हैं कि जिले की करीब 10 इकाइया पीपीई किट तैयार कर रही हैं। इनमें 50 हजार पीपीई किट को मेडिकल बोर्ड यूपी को सप्लाई किया जा चुका है। ये इकइयां 20 हजार पीपीई किट प्रतिदिन बनाकर तैयार कर रही है। ये इकाइयां महाराष्ट्र,बैगलौर, आयुष मंत्रालय के अलावा अन्य स्थानों पर अभी तक सप्लाई कर चुकी हैं। इन इकाइयों को को दक्षिण भारत के अस्पतालों से भी आर्डर मिल चुका है। ---- उत्तम फैशन हाउस के देव कुमार बताते हैं कि उनकी फैक्टरी में कपड़ों का बैग बनाने का काम होता था। जब से कोरोना वायरस का संक्रमण देश और विदेश पर छाया तब से संपूर्ण विश्व में लाकडाउन चल रहा है। जिसके चलते सभी कंपनियां और कल—कारखाने भी बंद हैं। तभी से कंपनी भी बंद थी। उन्होंने बताय कि इसके लिए कच्चा माल नोएडा से मंगवाय जाता है। शुरू में कुछ पीपीई किट के सैंपल बनाकर डीआरडीओ भेजे गए थे। जहां से सेंपल पास हुए तो पीपीई किट बनानी शुरू कर दी गई। उनकी फैक्टरी में प्रतिदिन 2 हजार से 2500 किट तैयार होती है। वे अब महाराष्ट्र, बैगलोर के अलावा आयुष मंत्रालय दिल्ली को पीपीई किट की सप्लाई कर चुके हैं। एक दिन में बनती है जिले में 10 हजार किट, एक किट की लागत 650 रूपये:— जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक बताते हैं कि जिले की इकाइयां एक दिन में करीब 10 हजार किट तैयार कर ही हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल बोर्ड यूपी ने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से ही करीब 50 हजार पीपीई किट खरीदी हैं। एक किट की लागत वे 650 रूपये बताते हैं। सिगनेंट गार्मेंट के राहुल ने बताया कि वे भी पीपीई किट बनाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई कर रहे हैं। ---/// पीपीई में यह मैटिरियल कर रहे प्रयोग:— पीपीई किट बनाने में जीएसएम 50 और जीएसएम 95 मैटिरियल का प्रयोग किया जा रहा है। पहले चिकित्सकों की डिमांड में जीएसएम 50 से बनी पीपीई किट थी। लेकिन कुछ स्थानों पर जीएसएम 50 किट पहने हुए चिकित्सक कोरोना की चपेट में आए तो मेडिकल काउंसिल ने जीएसएम 95 की डिमांड कर दी। अब इन दोनों मैटिरियल को मिलाकर ही किट तैयार की जा रही है।