गाजियाबाद। नंदग्राम क्षेत्र के सादिकनगर इलाके में ढाई साल के बच्चे में डिप्थीरिया (गलघोंटू) की पुष्टि हुई है। बच्ची को सभी टीके समय पर लगे हैं। इसके बाद भी बच्ची के डिप्थीरिया से ग्रसित होने पर मामले की जांच की जा रही है। इस वर्ष अब तक जिले में 10 बच्चों में डिप्थीरिया की पुष्टि हो चुकी है। बृहस्पतिवार से डिप्थीरिया से बचाव के लिए अभियान चलाया जाएगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि अब तक लोनी में तीन बच्चों समेत नगरीय क्षेत्र में डिप्थीरिया के 10 केस मिल चुके हैं। सभी का टीकाकरण कराया गया है। सादिकनगर में मिले बच्चे को डिप्थीरिया की वैक्सीन लग चुकी है। लेकिन इसके बाद भी उसे परेशानी कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर से डिप्थीरिया को लेकर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सोमवार शाम को वैक्सीन का स्टॉक गाजियाबाद आ गया। शनिवार से वैक्सीन को केंद्रों को वितरित कर दी जाएगी।
बच्चे को सांस लेने में हो रही थी परेशानी
सोमवार को सादिक नगर पीएचसी पर इलाज के लिए लाए गए ढाई साल के बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। बच्चे में डिप्थीरिया का लक्षण मिलने से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को सूचित किया गया। उन्होंने जांच के बाद डिप्थीरिया की पुष्टि की।
क्या है डिप्थीरिया
संयुक्त अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह का कहना है कि डिप्थीरिया श्वास नलिका का संक्रमण है। यह एक साल से 11 साल तक के बच्चों में होता है। डिप्थीरिया ग्रसित बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है और दम घुटने लगता है। इसे गलघोंटू रोग भी कहा जाता है।