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पायल बांध नदी की लहरें, नाच रहींअपनी मस्ती में

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काव्य गोष्ठी में भाग लेते कवि - फोटो : AMAR UJALA
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। काव्यकुल संस्थान में रविवार को डिजिटल काव्य संध्या का आयोजन किया गया। डिजिटल काव्य संध्या की थीम 'आया सावन झूम के' गूगल मीट पर की गई। कार्यक्रम काव्यकुल संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजीव पाण्डेय के संयोजन में हुई। जिसमें देश के बड़े साहित्यकारों ने सावन से सम्बंधित रचना का पाठ कर छटा बिखेर दी। श्रृंगार रस की सरिता में तीन घंटे तक 30 कवियों ने डुबकियां लगायीं। मुंबई से वरिष्ठ कवयित्री डॉ अलका पाण्डेय की अध्यक्षता में हुए इस काव्य समागम में मंडला मध्यप्रदेश से डॉ शरद नारायण खरे मुख्य अतिथि एवं मुम्बई से डॉ मीरा त्रिपाठी पाण्डेय विशिष्ट अतिथि रहीं। संस्था के संरक्षक हनुमान गढ़ राजस्थान से शंकर लाल जांगिड़ दादा एवं स्वागताध्यक्ष मिथिलेश गुप्ता हर्ष रहे।रांची झारखंड से डॉ रजनी शर्मा चंदा ने अपनी रचना सरस्वती वंदना से काव्य समारोह का शुभारंभ किया।नई दिल्ली से गीतकार ओंकार त्रिपाठी ने गीत की पंक्तियां पायल बांध नदी की लहरें नाच रहीं अपनी मस्ती में, पढ़ी तो सहज ही वाह के स्वर फूटने लगे।कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक डॉ राजीव पाण्डेय ने अपनी कविता में सावन का चित्र खींचा। इस दौरान पूर्णिमा शर्मा अजमेर,डॉ उदीशा शर्मा,गाजियाबाद,डॉ रजनी शर्मा चंदा, रांची,विजय कांत द्विवेदी, मुम्बई, नीलू गोयल, गाजियाबाद, अशोक राठौर,गाजियाबाद,डॉ अंजू अग्रवाल, नई दिल्ली,डॉ हरिदत्त गौतम अमर, आचार्य शुभेंदु, त्रिपाठी,नई दिल्ली, डॉ निशि अवस्थी ,बदायूँ , अजय बनारसी ने बेहतरीन गीत गजल, मुक्तक छ्न्द सुनाकर सराबोर कर दिया। तीन घण्टे तक चले इस कार्यक्रम का सफल सन्चालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजीव पाण्डेय ने किया।
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