गाजियाबाद। बेटे को दुष्कर्म के मामले में जेल भेजने के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर पिता से 12.70 लाख की ठगी की घटना सामने आई है। आरोपी ने वाट्सएप पर वीडियो कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए आधा घंटे तक पिता को हिलने भी नहीं दिया और अलग अलग खातों में यह रकम ट्रांसफर कराने के बाद उनको छोड़ा। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राजनगर निवासी ने बताया कि उनके पास वाट्सएप कॉल आई। उसने अपनी डीपी पर पुलिस की फोटो लगा रखी थी। आरोपी ने कहा कि उनके बेटे को उन्होंने दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया है। यह सुनकर वह घबरा गए। आरोपी आगे बोला कि उसके पास ज्यादा समय नहीं है, लिखा पढ़ी शुरू हो चुकी और अब उसको कम से कम 20 साल की सजा होगी। यह सुनकर वह और दबाव में आ गए। आरोपी ने कहा कि यदि वह मामले को निपटवाना चाहते हैं तो वह उनकी मदद भी कर सकते हैं, इसके लिए उनको कुछ रकम का इंतजाम करना होगा। आरोपी ने 15 लाख की मांग की, लेकिन उनके पास इतने पैसे का इंतजाम नहीं था। आरोपी की बातों में आकर उन्होंने 12.70 लाख रुपये आरोपी के अलग अलग खातों में जमा कर दिए और फिर उसने फोन काट दिया। काफी देर तक वह सदमे में रहे। इसके बाद उन्होंने यह बात अपने परिवार के दूसरे सदस्यों को बताई। अपने बेटे से बात की तो उसके साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। इसके बाद उनको अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। इस बारे में एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि इस तरह के मामले में लगातार सामने आ रहे हैं। जांच कराई जा रही है।
-कमाई के लालच में तीन लोगों ने गंवाए 70 लाख :
इंदिरापुरम की अहिंसाखंड निवासी प्रियंका भटनागर को गूगल पर स्टॉक मार्केट की जानकारी लेना महंगा पड़ गया। एक नंबर उनको मिला, जिसपर बात करने के बाद उनको एक ग्रुप में जोड़ा गया। आरोपियों ने बातों में उलझाकर उनको कमाई का लालच दिया और उनसे 28.50 हजार की ठगी कर ली। प्रियंका ने बताया कि वह स्टॉक मार्केट की जानकारी करना चाह रही थीं। उन्होंने नंबर निकालकर बात की तो आरोपियों ने निवेश करने पर मोटी आमदनी होने का दावा किया। आरोपियों की बातों में आकर उन्होंने उनके खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। वह उनसे और रकम ट्रांसफर करने को कह रहे थे, लेकिन उनके पास और पैसा नहीं था। इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया। वहीं, विवेकानंदनगर निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास एक लिंक आया था। उसपर क्लिक करने पर बताया गया कि उनको निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा। उसकी बातों में उन्होंने आरोपियों के दिए गए खातों में 26.15 लाख रुपये भेज दिए। आरोपियों ने इसके बाद उनसे संपर्क तोड़ दिया। दूसरी आरे वीवीआईपी निवासी आलिया कौसर ने बताया कि उनके पास घर बैठे कमाई का मैसेज आया। उन्होंने जैसे ही उसको खोला तो बताया कि लाइक और रिव्यू करने पर उनको कमाई होगी। उसकी बातों में आकर उन्होंने यह काम शुरू कर दिया। कुछ पैसा उनको मिला तो उनको कमाई का विश्वास हो गया। आरोपियों ने इसके बाद उनसे निवेश करने को कहा। जिसके बाद उन्होेंने 15.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी उनसे और रकम ट्रांसफर करने को कह रहे थे, लेकिन उनके पास और पैसा नहीं था। जब आरोपियों को पता चल गया कि उनके पास पैसा नहीं बचा है तो उन्होंने बात करना बंद कर दिया।