माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रो के विकास कार्य बीच में ही रुक गए थे। ग्राम निधि के करीब 30 करोड़ रुपये को इस वित्तिय वर्ष में खर्च करना था जिसके लिए कार्य चल रहा था। अब फिर से इन विकास कार्यों के लिए मंजूरी मिल गयी है। जनपद की 161 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए गत वर्ष 14वें केंद्रीय वित्त और राज्य वित्त से एक अरब से भी ज्यादा की राशि मिली थी। इसमें से करीब 30 करोड़ रुपये की धनराशि अभी पंचायती राज विभाग के पास बची हुई थी। लॉक डाउन 3 में ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ राहत मिली है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र ग्रीन जोन में ही हैं क्योंकि वहां एक भी कोरोना का केस नहीं मिला है इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रकार की छूट दी गयी है। गांवों में टाइल्स, खड़ंजे, नाली आदि के कार्यों को करने की अनुमति मिल गयी है और टेंडर आदि भी मांगे गए हैं। सीडीओ अस्मिता लाल ने बताया कि इन सभी कार्यों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। भोजपुर, लोनी, मुरादनगर और रजापुर ब्लॉक की जिन ग्राम पंचायतों में जिस भी कार्य की जरूरत होगी वे सभी कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए पहले ही ग्राम पंचायतों कराने जाने वाले जरूरी कार्यों को चिन्हित कर लिया गया है। ----- गांव के मजदूरों को ही काम में लगाया जाएगा गांवों में विकास कार्य कराते समय कोरोना संक्रमण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिस गांव में विकास कार्य कराए जाएंगे उस गांव के ही मजदूरों को काम में लगाया जाएगा। बाहरी मजदूरों को काम में नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा जिन मजदूरों को काम में लगाया जाएगा उन मजदूरों की रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग से उनकी जांच की जाएगी। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखना होगा। इसके लिए ठेकेदार, खंड विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।