गंगा में गणपति विसर्जन करने आए श्रद्धालुओं को रोकते पुलिसकर्मी। संवाद
ब्रजघाट। गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए न्यायालय ने मूर्ति विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाई है। इसके बावजूद भी भक्त धार्मिक परंपरा के चलते गणपति की प्रतिमाएं गंगा में विसर्जित करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पुलिस सख्ती से उन्हें तट से वापस लौटा रही है। इस दौरान काफी भक्तों से पुलिसकर्मियों की नोकझोंक भी हुई।
न्यायालय और शासन के निर्देश पर मूर्ति विसर्जन रोकने के लिए ब्रजघाट गंगा तट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिन्हें किसी भी सूरत में गंगा में मूर्ति विसर्जन न होने की सख्त हिदायत दी हुई है। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर से गणपति विसर्जन के लिए श्मशानघाट के निकट तालाब खोदवाने के साथ ही अठसैनी और दौताई नहर पर व्यवस्था की गई है। रविवार को भी दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद अन्य स्थानों से सैकड़ों भक्त गणपति विसर्जन के लिए गंगा तट पर पहुंच गए। जिन्हें वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने सख्ती के साथ रोक दिया। काफी भक्तों ने धार्मिक मान्यता और पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए गंगा में मूर्ति विसर्जन की हठ करते हुए पुलिसकर्मियों से बहस भी की। लेकिन जब पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई का डर दिखाया, तो श्रद्धालु मूर्तियां लेकर वापस लौट गए। जिन्होंने तालाब और नहर में विसर्जन किया।
गंगा में किसी भी सूरत में मूर्ति विसर्जन नहीं होने दिया जाएगा। जिसे रोकने के लिए तट पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं। जिन्हें ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। मूर्ति विसर्जन निर्धारित स्थानों पर कराया जा रहा है। - वरुण मिश्रा, सीओ