साहिबाबाद। अप्सरा बॉर्डर पर बस संचालक आरिफ को भाजपा कार्यकर्ता और पत्रकार बताकर गिरोह के चार लोगों ने 15 हजार रुपये की वसूली मांगी है। मासिक पैसे नहीं देने पर सड़क पर बस नहीं चलने देने की धमकी दी है। डीसीपी को शिकायत देने के बाद साहिबाबाद कोतवाली में गिरोह पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। चिकंबरपुर निवासी आरिफ का कहना है कि अप्सरा बॉर्डर पर उनका बस संचालन का ऑफिस है। 27 सितंबर की रात 9 बजे इरशाद नाम के युवक ने कॉल पर खुद को पत्रकार बताया। उसने सड़क पर बस चलाने की एवज में 10 से 15 हजार रुपये की वसूली मांगी। उसके बाद शान मोहम्मद, हासिम ने भी कॉल पर खुद को पत्रकार बताया और उन्हें पांच से सात हजार रुपये महीने की वसूली मांगी। अगले दिन आरिफ नाम के युवक ने भाजपा का कार्यकर्ता बताकर महीने में दो हजार रुपये वसूली देने के लिए धमकी दी। संचालक को सभी ने अलग-अलग कॉल कर पैसे नहीं देने पर बसों का आरटीओ से बंद कराने की धमकी दी। इन लोगाें की धमकी और वसूली मांगने से परेशान होकर संचालक ने पिछले दिनों डीसीपी ट्रांस हिंडन से मुलाकात की। अधिकारी को लिखित शिकायत के साथ चारों के खिलाफ सबूत भी दिखाए। डीसीपी ने तत्काल शिकायत का संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए। जांच के बाद साहिबाबाद कोतवाली में इरशाद, शान मोहम्मद, हासिम और आरिफ पर वसूली मांगने और धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ है। एसीपी साहिबाबाद भास्कर वर्मा का कहना है कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।