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Ghaziabad News: 106 बोगस फर्म बनाकर जीएसटी को लगा दिया 469 करोड़ का चूना

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साहिबाबाद। बोगस फर्म बनाकर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विभाग से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) वसूली का एक और बड़ा मामला पकड़ आया है। इसमें 106 बोगस फर्म बनाकर 2,605 करोड़ का कारोबार कागजों में दिखाया गया और 469 करोड़ रुपये आईटीसी के रूप में वसूल लिए गए। जीएसटी अफसरों ने लंबी छानबीन के बाद इसका खुलासा किया है। इस जालसाजी के लिए दो भाइयों और उनके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों को मेरठ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यहां पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया।
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जालसाजी करके जीएसटी विभाग को चूना लगाने के जुर्म में जेल भेजे गए इन लोगों में दो भाई विक्रांत और सचिन दिल्ली के योजना विहार के निवासी हैं जबकि उनका सहयोगी गौरव जैन आनंद विहार का रहने वाला है। तीनों ने बोगस फर्में गाजियाबाद के पते पर पंजीकृत कराईं। इसके बाद पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों में अपना कारोबार दिखाया। सभी फर्म बिल्डिंग मैटेरियल की दिखाई गईं।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस की क्षेत्रीय इकाई को आईटीसी की जांच में इस जालसाजी का पता लगाया। नौ से 11 अक्तूबर तक विशेष अभियान चलाकर पूरी कार्रवाई की गई। इसके बाद तीनों के घर टीम भेजी गई। पता चला कि तीनों भागकर उत्तराखंड पहुंच गए। टीम ने उनको वहां से पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि सभी फर्में फर्जी कागजात पर पंजीकृत कराई गईं थीं। इतना ही नहीं। फर्मों के लिए फर्जी कागजात पर सिम कार्ड भी खरीदे गए। ये मोबाइल नंबर ही विभाग को दिए गए थे।
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कर्मचारी से पूछताछ में

खुला जालसाजी का राज
तीनों की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उन्होंने एक कर्मचारी भी रखा है, जो बोगस फर्मों का हिसाब-किताब रखता है। कर्मचारी ने बोगस फर्मों का डाटा क्लाउड में रखा था। अफसरों की टीम ने यह डाटा बरामद कर लिया। इसी से जालसाजी की पूरी कहानी का पता चला। कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। उसे कार्रवाई की भनक लग गई थी। इसलिए, पंजाब भागने की फिराक में था लेकिन इससे पहले ही पकड़ लिया गया।


दो दिन पहले पकड़ी गई

थी 110 करोड़ की टैक्स चोरी
बोगस फर्म बनाकर 110 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा दो दिन पहले ही हुआ था। इसके बाद यह एक और बड़ा मामला पकड़ा गया है। सीजीएसटी के गाजियाबाद आयुक्तालय की कर अपवंचन शाखा ने चंदर नगर स्थित देविका टावर के पते पर पंजीकृत मैसर्स एएनवीएस ट्रेडर्स नामक फर्म पर छापा मारकर आईटीसी के फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इस मामले में जनकपुरी साहिबाबाद निवासी गौरव तोमर और राजेंद्रनगर निवासी छत्रपाल शर्मा को गिरफ्तार किया था।



ऐसे करते हैं जालसाजी

जीएसटी से जुड़े फ्रॉड में बिना किसी वास्तविक कारोबार के फर्जी इनवॉयस बनाकर कारोबार दिखा दिया जाता है। ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं जिनमें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को इनवॉयस या गुड्स और सर्विसेज के बिना क्लेम किया गया। कई मामलों में बोगस फर्मों का खुलासा हो चुका है।
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