पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए मकनपुर, इंदिरापुरम के रहने वाले 33 वर्षीय युवक दिलशाद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इंदिरापुरम से विजयनगर थाने लाते वक्त हुए सड़क हादसे की वजह से सिर में लगी चोट से मौत हुई है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर पिटाई और हत्या का आरोप लगाया है। मौत से गुस्साए परिजनों ने विजयनगर थाने और मोर्चरी पर हंगामा किया।
दिलशाद के छोटे भाई नौशाद ने बताया कि उसका भाई दिलशाद अपने पिता के साथ पुलिसकर्मियों की वर्दी की ड्राइक्लीन का काम करता था। अभयखंड चौकी और विजयनगर पुलिस की वर्दी की धुलाई वही करता था। आरोप है कि अभयखंड चौकी पर तैनात इंचार्ज ने सोमवार दोपहर दिलशाद को फोन करके बुलाया। उन्होंने कहा था कि उनकी वर्दी देकर वापस चले जाना। वह वर्दी लेकर दोपहर करीब दो बजे अभयखंड पुलिस चौकी पहुंचा तो चौकी इंचार्ज ने उसे बैठा लिया।
नौशाद का कहना है कि दिलशाद ने किसी परिचित के हाथ अपना पर्स और बेल्ट घर भिजवा दिया था और थोड़ी देर में लौटने की बात कही थी, इसके बाद वह घर नहीं लौटा। शाम को वह अपने परिजनों के साथ अभयखंड चौकी पहुंचे तो पुलिस ने उसके भाई की सही जानकारी नहीं दी। किसी से पता करके वह विजयनगर थाने आए तो यहां पुलिसकर्मियों ने कहा कि वह उसे नहीं लाए हैं। करीब दो घंटे चक्कर काटने के बाद उन्हें बताया गया कि दिलशाद का एक्सीडेंट हो गया है और गंभीर चोट आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रात को विजयनगर पुलिस की ओर से बताया गया कि दिलशाद की मौत हो गई है। दिलशाद की मां और भाई नौशाद का आरोप है कि उसकी मौत एक्सीडेंट में नहीं हुई है। दिलशाद के पेट पर चोट के निशान हैं। उसकी पिटाई की गई है। सिर पर चोट मारकर उसे मारा गया है।
परिजन बोले, ट्रक दो दिन से खड़ा तो दुर्घटना कैसे हुई
दिलशाद के भाई नौशाद का कहना है कि जिस कैंटर यानी मिनी ट्रक से टकराकर उसके भाई की मौत का दावा किया जा रहा है, वह दो दिन से थाने के बाहर खड़ा हुआ है। नौशाद का कहना है कि पुलिस अब कहानी गढ़ रही है। पुलिस ने हिरासत में उसके भाई की हत्या की है।
पुलिस का दावा
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि दिलशाद पुत्र इकबाल के खिलाफ एक विजयनगर की एक लड़की की ओर से शिकायती पत्र मिला था। सोमवार को उसे पूछताछ के लिए इंदिरापुरम से विजयनगर लाया जा रहा था। जिस गाड़ी में उसे लाया जा रहा था उसका कैंटर से एक्सीडेंट हो गया। पुलिस टीम से पूछताछ में सामने आया है कि हादसे के वक्त दिलशाद ने बाहर थूकने के लिए कार का दरवाजा खोला था। इसी दौरान वह कैंटर से टकरा गया और सिर में चोट आ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। कैंटर के चालक व हेल्पर को हिरासत में ले लिया गया है। उनका कहना है कि परिजनों के पिटाई करने के आरोप गलत है। मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है, वहां खून पड़ा मिला है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई है। उन्होंने भी सड़क हादसे की जानकारी दी है।