गाजियाबाद। मिठाइयों और नमकीन के लिए गए नमूनों में 16 नमूनों की रिपोर्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिली है। इसमें बूंदी के लड्डू, नमकीन, हल्दी और मिर्च शामिल हैं। नवंबर माह में कुल 83 नमूनों की रिपोर्ट आई है, जिसमें से 56 की रिपोर्ट निगेटिव रही। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो माह में जो नमूने लखनऊ लैब में जांच के लिए भेजे थे, उनमें नमकीन में जो रंग मिलाया था उसमें खतरनाक टेट्राजिन मिला था। इसके अलावा इसमें बूंदी के लड्डू में पीला रंग सनसेट येलो की मिलावट और मिर्च पाउडर में भी सिंथेटिक रंग की मिलावट पाई गई है।
चिकित्सकों के अनुसार टेट्राजिन कैंसरकारक होता है। इन सभी के अलावा घेवर में देसी घी के इस्तेमाल का दावा किया गया था लेकिन जांच रिपोर्ट में रिफाइंड पाया गया। मावा में रिफाइंड की मिलावट और सूजी में कीड़े मिले। बाकी अन्य 40 सैंपल मिसब्रांड मिले हैं, जिसमें खाद्य सुरक्षा विभाग के मानकों की अनदेखी पाई गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने बताया कि मानकों के अनुसार अधिकतर खाद्य पदार्थों में रंग मिलाया ही नहीं जा सकता है, जैसे मिर्च या हल्दी। मिठाइयों में भी खाने वाले रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसकी पैकेट पर लिखना होगा कि खाने वाले रंग का इस्तेमाल किया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य विनीत कुमार ने बताया कि इन सभी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत वाद दायर किया जाएगा।