सेक्टर-3 स्थित 32 मीटर प्लॉट के एक मकान के बेसमेंट में धमाके के साथ आग लग गई, जिसमें एक युवक झुलस गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाका इतना तेज था कि बेसमेंट के ऊपर बनी दुकान का दरवाजा कई फीट दूर जाकर गिरा और बेसमेंट की दीवार का एक हिस्सा भी टूट गया।
आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
सेक्टर-3 स्थित प्लॉट संख्या- 416 में बना मकान जितेंद्र कौशिक का है। उन्होंने हाल ही में बेसमेंट दिल्ली निवासी पीयूष (23) को किराए पर दिया था। पीयूष बेसमेंट में रिकार्डिंग स्टूडियो खोल रहा था, जिसके लिए बेसमेंट में निर्माण चल रहा था।
लकड़ियां लगाकर बेसमेंट की दीवारों को पूरी तरह से पैक किया जा रहा था। शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे पीयूष बेसमेंट में निर्माणाधीन स्टूडियो पहुंचा और दरवाजा खोलते ही तेज धमाका हुआ। इसी दौरान एक चिंगारी उठी और आग लग गई।
हादसे में पीयूष बुरी तरह झुलस गया। पीयूष दौड़कर बेसमेंट से बाहर आया और सड़क पर आकर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
एफएसओ अरुण कुमार ने बताया कि स्टूडियो में धमाका करने वाली कोई वस्तु नहीं रखी थी। जांच की जा रही है कि धमाका कैसे हुआ और आग कैसे लगी। पीयूष के होश में आने पर उससे पूछताछ करने पर कुछ पता चल सकेगा।
ऊपरी मंजिल पर रहने वाले लोगों को बाहर निकाला गया
बेसमेंट में हुआ धमाका इतना तेज था कि कालोनी के लोग घबरा गए। धमाके की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल पर रह रहे लोगों को बाहर निकाला गया, बेसमेंट की दीवार का एक हिस्सा टूट जाने से लोगों को भय था कि कहीं पूरी इमारत ही न गिर पड़े।
कहीं सीवर से निकली गैस तो नहीं है धमाके की वजह
बेसमेंट के बराबर से सीवर लाइन गुजर रही है, जिसमें लीकेज भी है। आशंका जताई जा रही है कि सीवर की गैस बेसमेंट में भर सकती है और निर्माण के दौरान लकड़ी लगाकर बेसमेंट को पूरी तरह पैक करने से गैस को निकलने की जगह नहीं मिली हो। गैस का दबाव बढ़ गया हो और दरवाजा खोलते ही धमका हो गया। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है।