सूबे के मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट यूपी-100 शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही दम तोड़ता देख रहा है। यूपी-100 की पीआरवी में लगा जीपीएस फिलहाल काम नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से गाजियाबाद की कॉल्स गाजीपुर या अन्य जिले में जाकर लग रही हैं।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि फिलहाल पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) का जीपीएस काम नहीं कर रहा है। इसकी वजह से अधिकतर गाजियाबाद आने वाली कॉल्स को लखनऊ में बैठे टेलीकॉलर पुलिसकर्मी गाजीपुर ट्रांसफर कर रहे है।
वहीं कई बार ऐसा भी हो रहा है कि गाजीपुर जिले की कॉल्स गलती से गाजियाबाद कनेक्ट हो रही हैं। खोड़ा कालोनी में रहने वाले शिशुपाल सिंह तोमर ने बताया कि तीन दिन पहले उनके पड़ोस में दो पक्षों में झगड़ा हो गया था।
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गलत कॉल लगने से हो रही घंटों की देर
यूपी100 के 30 और वाहन मिले
इसके बाद उन्होंने 100 नंबर पर कॉल की तो लखनऊ में बैठे पुलिसकर्मियों ने भोजपुर थाना क्षेत्र की पीआरवी को खोड़ा भेज दिया। इससे पीआरवी को खोड़ा तक आने में करीब एक घंटे से अधिक का समय लग गया।
उन्होंने बताया कि पीआरवी में लगा जीपीएस अगर काम करता तो खोड़ा में खड़ी पीआरवी सूचना मिलने के कुछ समय बाद ही मौके पर पहुंच जाती। वहीं राजनगर सेक्टर-5 निवासी नेहा शर्मा ने बताया कि बुधवार को उनका कार पार्किंग को लेकर उनके पड़ोसी से झगड़ा हो गया था।
इसके बाद उन्होंने 100 नंबर पर कॉल किया तो पहले उनकी कॉल गाजीपुर में जाकर कनेक्ट हुई थी। इसके बाद उन्होंने दोबारा कॉल किया तो उनकी कॉल पर विजयनगर थाना क्षेत्र में खड़ी पीआरवी करीब 40 मिनट बाद आई।
इस संबंध में एसपी कंट्रोल रूम एके पांडे ने बताया कि शुरुआत में ऐसी परेशानियां आ रही हैं कि एक जिले की कॉल दूसरे जिले में कनेक्ट हो रही है। इसे दुरुस्त करने के लिए इंजीनियिरों की टीम जुटी हैं। जल्द ही जीपीएस को ठीक करवा दिया जाएगा, जिससे कॉल सही जगह पर कनेक्ट होगी।
पुलिस लाइन में खड़ी यूपी 100 सेवा
- फोटो : अमर उजाला
यूपी-100 की शुरुआत में पुलिस अधिकारियों की तरफ से दावा किया जा रहा था कि पीआरवी सूचना मिलने के 20 मिनट बाद मौके पर पहुंच जाएगी। लेकिन 10 दिन बाद कई जगह इसी शिकायत कंट्रोल रूम को मिल रही हैं कि पीआरवी 20 के बाद मौके पर पहुंच रही है।
पता पूछ कर घटनास्थल पर पहुंच रही है पीआरवी
यूपी-100 के शुरुआत में अधिकारियों का कहना था कि पीआरवी केवल मिस्सड कॉल्स मिलने के बाद ही मौके पर पहुंच जाएगी क्योंकि गाड़ियों में ऐसा सिस्टम लगा हुआ है कि जो गूगल मैप से लोकेशन ट्रेस कर मौके पर पहुंच जाएगा। लेकिन फिलहाल हकीकत यह है कि पीआरवी का जीपीएस काम नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से पुलिस लोगों से पता पूछकर मौके पर पहुंच रही है।