डासना जेल से पेशी के लिए गए दो बंदी सोमवार को पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है। दोनों बंदियों को ले जाने वाले छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
फरार हुए बंदी हैं, जकी अहमद और संजीव दीक्षित। हत्यारोपी बंदी जकी अहमद बुलंदशहर जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र के अकबरपुर झोझा का है। उस पर आरोप है कि उसने 15 अक्तूबर 2015 को हापुड़ में शादी समारोह में आए आरिफ और इकबाल निवासी अकबरपुर झोझा पर गोलियां बरसाई थीं, जिसमें आरिफ की मौत हो गई थी और इकबाल घायल हो गया था। इस मामले में 21 नवंबर 2015 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
तब से वह डासना जेल में बंद था। सोमवार को जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के मामले में उसकी बुलंदशहर कोर्ट में पेशी थी। प्रतिसार निरीक्षक रामवीर सिंह ने बताया कि जकी को डासना जेल से कोर्ट में पेशी के लिए हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, पंकज और नितिन लेकर चले थे।
शाम करीब चार बजे पुलिसकर्मियों ने सूचना दी कि लालकुआं के पास से दोपहर करीब डेढ़ बजे जकी उन्हें चकमा देकर टैंपो से कूदकर भाग गया है। छानबीन की तो पता चला कि वह लालकुआं से नहीं, बल्कि दिल्ली जामियानगर से भागा है।
आरआई ने बताया कि जकी को बुलंदशहर कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इसमें पुलिसकर्मियों की मिलीभगत प्रतीत हो रही है, लिहाजा पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ दिल्ली जामिया थाने में एफआईआर दर्ज कराए जाने की तैयारी चल रही है।
दूसरी तरफ, फरार हुआ दूसरा बंदी संजीव दीक्षित दिल्ली विज्ञान लोक का रहने वाला है। वह 21 जून 2016 को तिहाड़ जेल से डासना जेल शिफ्ट हुआ था। सीबीआई ने उसे गिरफ्तार किया था। उस पर दिल्ली, गाजियाबाद और सोनीपत में धोखाधड़ी और साजिश रचने के 13 केस दर्ज हैं।
आरआई ने बताया कि सोमवार सुबह उसे सिपाही आशीष, धीरज और अरुण भाटी सोनीपत लेकर गए थे। उसे कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे वह लघुशंका करने के बहाने चकमा देकर भाग गया।
आरआई ने बताया कि इन तीनों पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इनके खिलाफ सोनीपत पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। फरार बंदियों की तलाश जा रही है।
ढाई घंटे बाद दी सूचना
आरआई ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने जकी के भागने की सूचना आरआई को करीब ढाई घंटे बाद दी। पुलिसकर्मियों की लोकेशन भी दिल्ली आ रही थी, उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें संदेह था कि जकी भागकर जामियानगर जा सकता है, वह वहां अपना घर बता रहा था।