फैजाबाद एक्सप्रेस के हादसे के बाद ब्रजघाट टोल प्लाजा के कर्मचारी और अल्लाबख्सपुर के ग्रामीण मसीहा बन गए। उन्होंने एसी कोचों के शीशे तोड़कर यात्रियों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। वहीं आठ बोगी अगर बराबर के ट्रैक पर न पलटकर दूसरी ओर पलटती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि ट्रैक के दूसरी ओर खाई थी।
रविवार रात जैसे ही ट्रेन अल्लाबक्सपुर गांव के सामने टोल प्लाजा पर पहुंची तो अचानक आठ बोगी के पहिया ट्रैक से उतर कर दूसरे ट्रैक की ओर पलट गई। अगर बोगी दूसरी ओर पलट जाती तो करीब 20 फिट गहरे गड्ढे में बोगी गिर जाती और सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
हादसा होते ही तुरंत अल्लाबक्सपुर के ग्रामीण और टोल टैक्स पर मौजूद कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और बोगी के शीशे तोड़कर किसी तरह लोगों को खिड़की के रास्ते से बाहर निकाला।
बोगी से बाहर आते ही इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों ने राहत की सांस ली। फैजाबाद एक्सप्रेस के एसी कोच में तैनात अटेंडेंट लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि हादसा होने के बाद कोच में मौजूद यात्रियों ने एक-दूसरे का सहयोग किया और महिलाओं और बच्चों को डिब्बे से निकाल कर इंसानियत का परिचय दिया।
घायलों ने नहीं किया मदद का इंतजार
फैजाबाद एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने किसी भी सरकारी मदद का इंतजार नहीं किया। ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होते ही यात्री बोगियों से बाहर निकले और बिना किसी मदद के एनएच 24 पर पहुंचे और वहां से गुजर रहे वाहनों से निकल गए।