शालीमार गार्डन में चोरों ने बालकनी की खिड़की की ग्रिल काटकर दो फ्लैटों से लाखों का माल उड़ा लिया। वारदात के समय परिवार के लोग घरों में ही सोए थे। खटपट की आवाज सुनकर महिला और उनके पति की नींद टूटी तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। तहरीर मिलने पर पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1 के कार्तिक प्लाजा फ्लैट संख्या-एफ-1 में एक टीवी चैनल के रिटायर्ड अधिकारी दीपक चक्रवर्ती, पत्नी, बेटे मोहित और बहू के साथ रहते हैं। रविवार को खाना खाकर सभी कमरों में सोने चले गए थे। देर रात करीब डेढ़ बजे मोहित और उसकी पत्नी खटपट की आवाज सुनी, तो कमरे से बाहर जाने लगे, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद था। इस पर वे बालकनी में गए तो चोर सामान लेकर भाग रहे थे।
उन्होंने चीखकर सामने ही सो रहे रिक्शेवालों को चोरों का पीछा करने को कहा, लेकिन उसने मदद नहीं की। दरवाजा खुलवाने के लिए मोहित ने पिता दीपक के मोबाइल पर कॉल किया, तो वह फोन चोर के पास निकला, चोर ने फोन रिसीव कर अपना नाम किशन बताया। सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोलकर सभी को बाहर निकाला। दीपक चक्रवर्ती ने बताया कि चोर तीसरे कमरे की आलमारी तोड़कर तीन लाख की ज्वैलरी, चांदी की मूर्ति, घड़ियां, मोबाइल और करीब 11 हजार नगदी ले गए हैं।
इतना ही नहीं दीपक के फ्लैट के नीचे वाले फ्लैट में भी एक निजी कंपनी के कार्यालय से चोरों ने दो कंप्यूटर चोरी कर लिए। एसएचओ राशिद अली ने बताया कि तहरीर मिल गई है। चोरों की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
फोन पर मोहित को धमकाया, दी गालियां
कमरे में बंद होने के दौरान मोहित ने पिता दीपक के मोबाइल पर कॉल किया तो फोन चोर ने उठाया। उसने कहा कि 'किशन बोल रहा हूं। तेरे घर को साफ कर दिया है। फोन भी उड़ा लिया है। जो कर सकता है कर ले, ज्यादा मेहनत करेगा तो जान से जाएगा। इसके बाद चोर ने उन्हें गालियां भी दीं। पीड़ित दीपक ने बताया कि उन्हें कमरे में बंद करने के साथ ही चोर बिल्डिंग के अन्य फ्लैटों के दरवाजे भी बाहर से बंद कर गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को भी कॉल किया था, मगर पुलिस एक घंटे बाद आई।