क्राइम ब्रांच ने 20 दिन पहले गायब हुए चिक-नाईल शैंपू से भरे ट्रक और माल को बरामद कर लिया है। पुलिस ने ड्राइवर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। ड्राइवर ने ही साथियों संग मिलकर ट्रक और शैंपू गायब किए थे।
पकड़े गए आरोपियों में शेखर निवासी ब्रह्मपुरी मेरठ, इरफान निवासी मसूरी और श्याम शर्मा निवासी दादरी गौतमबुद्धनगर हैं। क्राइम ब्रांच ने इन्हें रविवार तड़के करीब तीन बजे मोदीनगर रोड से मुठभेड़ के बाद दबोचा। इनसे करीब 10 लाख कीमत के 468 पेटी शैंपू, 10 लाख कीमत का ट्रक, तमंचा और चाकू बरामद किए गए हैं।
आरोपियों ने मोदीनगर में ट्रक को छिपा कर रखा हुआ था। गैंग लीडर शहजाद निवासी फर्रुखनगर साहिबाबाद भागा हुआ है, जिसके पास बाकी का माल है। इस संबंध में एसपी क्राइम प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि शेखर ट्रक चालक है, उसी ने शहजाद के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
शेखर पहले ट्रक मालिक और ट्रांसपोर्टर का विश्वास जीतता है, इसके बाद साथियों के साथ माल से भरे ट्रक को गायब कर देता है। फिर इसे दूसरे राज्यों में बेच देते हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि गबन के मामले में जल्दी जमानत मिल जाने के कारण यह गैंग ऐसा करता है।
पूर्व नियोजित षणयंत्र के तहत ड्राइवर के पकड़े जाने पर गैंग केसदस्य जमानत कराते हैं, ड्राइवर के हिस्से का पैसा उसकी पत्नी और परिजनों को दे देते हैं। शहजाद गबन किए गए माल को बिकवाता है।
शहजाद और शेखर के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद में लूट, चोरी आदि के एक-एक दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा गाजियाबाद ट्रांसपोर्ट वुड्स एसोसिएशन भी पुलिस को सम्मानित करेगी।
यह था मामला
19 दिसंबर को जगदंबा ट्रांसपोर्ट कंपनी की हरिद्वार शाखा से 638 कार्टेज शैंपू लेकर गाजियाबाद के लिए चला एक ट्रक चालक समेत गायब हो गया था। ट्रक को शेखर लेकर चला था, इस मामले में ट्रांसपोर्टर रिपोर्ट लिखाने के लिए थानों के चक्कर काट रहे थे, मगर पुलिस सीमा विवाद में उलझी थी।
बाद में मोदीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ट्रक आखिरी बार मेरठ के दौराला में टोल टैक्स पर देखा गया था। इस मामले में ड्राइवर पर संदेह जताया गया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश में जुटी थी।