भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमले में इस्तेमाल एके-47 पैसों में नहीं बल्कि ‘दोस्ती’ में मिली थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि एके-47 के बदले मनीष, मनोज और संसार सिंह को भी दोस्ती निभानी थी।
एके-47 उपलब्ध कराने में गौतमबुद्धनगर के दुजाना-भाटी गैंग के साथ-साथ अब शक 50 हजार रुपये का इनामी रहे बागपत के एक कुख्तात पर भी है। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच अब उस कुख्यात की कुंडली खंगाल रही हैं।
मनोज और संसार सिंह का क्रिमिनल बैकग्राउंड रहा है। पुलिस का मानना है कि एके-47 गिरफ्तार किए गए राहुल त्यागी और संसार सिंह के जरिए मनीष तक पहुंची होगी। यह दोनों बागपत के उस कुख्यात के टच में बताए जा रहे हैं, जिसने इनसे भविष्य में दोस्ती निभाने का वादा लेकर उन्हें यह ऑटोमेटिक असलहा उपलब्ध कराया होगा।
राहुल बिजली माफिया है, जो दिल्ली से बिजली चोरी कर लोनी में सप्लाई कराता है। वह उस कुख्यात का बेहद करीबी बताया जा रहा है। इसी रूट से असलहे इन तक पहुंचे होंगे।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि मेरठ में एक बार संसार से इसी तरह का बड़ा ऑटोमेटिक असलहा बरामद किया गया था, मगर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते पुलिस को उसे छोड़ना पड़ा था। अभी तक माना यह जा रहा है कि मनीष-मनोज ने एके-47 किराए पर ली होगी, लेकिन यह नया तथ्य प्रकाश में आने से यह पूरा मामला सुपारी और किराए पर असलहों के बजाय ‘दोस्ती’ के चलते वारदात करने का लग रहा है।
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले कविनगर निवासी भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर 11 अगस्त को मुरादनगर के रावली रोड पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें तेवतिया समेत सात लोग घायल हो गए थे।
उनका फोर्टिस अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में पुलिस अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मनीष और मनोज समेत छह मुख्य आरोपी भागे हुए हैं।