मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने तक राजनगर एक्सटेंशन में नई सोसायटीज पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) में दायर की गई है। फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन के महासचिव संजीव शर्मा और विक्रांत शर्मा की ओर से दायर याचिका को एनजीटी ने सोमवार को मंजूर कर लिया।
इस संबंध में एनजीटी ने डीएम, जीडीए वीसी, नगर आयुक्त, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी।याचिकाकर्ता विक्रांत शर्मा ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में सभी जगहों पर सीवर लाइन नहीं बिछाई गई है। सीवर का पानी बरसाती नाले में जा रहा है।
सीवर मिला नाले का पानी हिंडन नदी में गिरकर उसे प्रदूषित कर रहा है। ग्रीन बेल्ट और पार्क नहीं बनाए गए हैं। जीडीए और नगर निगम के बीच कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है। कूड़े में आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
पावर बैकअप के लिए जनरेटर लगाने वाली सोसायटियों में नियमानुसार चिमनियां नहीं लगाई गईं हैं। समस्याओं के बावजूद राजनगर एक्सटेंशन-2 भी बसाने की तैयारी चल रही है। याचिकाकर्ता ने बताया कि एनजीटी से राजनगर एक्सटेंशन की 25 हजार की आबादी के लिए राहत मांगी गई है।
उनसे मांग रखी गई है कि जब तक समस्याएं दूर नहीं हो जातीं, नई सोसायटीज को एनओसी न देकर उन पर रोक लगाई जाए।