चिरौड़ी गांव में हुई दयाचंद और उसके बेटे धनेश की हत्या के मामले में ईसी एक्ट कोर्ट ने ‘साइको किलर’ प्रशांत और उसके पांच अन्य साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश कुणाल देपा ने सभी आरोपियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बृहस्पतिवार को ही कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
वारदात 25 जून 2012 की है। लोनी कोतवाली क्षेत्र के गांव चिरौड़ी में धर्मेंद्र नामक युवक अपने पिता दयाचंद और दो भाई राहुल व धनेश के साथ अपने मेडिकल स्टोर पर बैठा था। इसी दौरान सात हमलावर हथियार लेकर वहां पहुंचे और दयाचंद पर गोलियां बरसा दीं।
दुकान में बैठे धर्मेंद्र और उसके भाई निकलकर भागे तो बदमाशों ने भागते हुए धनेश पर भी गोलियां बरसा दीं। इससे धनेश जमीन पर गिर पड़ा। घायल धनेश और उसके पिता दयाचंद को नरेंद्र मोहन अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सरकारी वकील विद्याभूषण शर्मा के अनुसार धर्मेंद्र ने इस मामले में प्रशांत, श्याम, अजय, राजू, मनोज पंडित, रोहित कसाना और बिंदर को नामजद कराया था। पहले यह मामला एडीजे-2 की कोर्ट में विचाराधीन था।
वहां आरोपी प्रशांत ने वादी धर्मेंद्र की सुरक्षा में तैनात किए गए गनर का ही असलहा छीनकर उस पर तान दिया था। इसके बाद मामला ईसी एक्ट कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। स्पेशल डीजीसी पाक्सो एक्ट रणबीर डागर ने भी अभियोजन की ओर से इस मामले में बहस की थी।
बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी श्याम को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि बाकी सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा पर बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने दोषी ठहराए गए युवकों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।