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उम्रकैद की सजा पाए कैदी ने जेल में की आत्महत्या

Wed, 22 Jun 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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बच्ची के गुनहगार को मौत की सजा - फोटो : demo pic
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मसूरी (गाजियाबाद)। उम्रकैद की सजा पाए बबलू (38) ने डासना जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बबलू अबूपुर, निवाड़ी का रहने वाला था। पड़ोसी आदेश की हत्या के आरोप में वह अपने भाई प्रवीण के साथ 19 नवंबर 2004 से डासना जेल में बंद था।
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आदेश पर चाकुओं से 22 वार किए गए थे। वर्ष 2011 में दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा हुई थी। इसके बाद प्रवीण को आगरा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। जेलकर्मियों ने बताया कि रविवार शाम जेल अस्पताल के एक्सरे रूम के पीछे बरामदे के रोशनदान में बबलू लटका मिला। उसने गमछे का फंदा बनाया हुआ था।

घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट नहीं मिला है, आत्महत्या के कारणों का भी पता नहीं चल सका है।
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हालांकि जेल में चर्चा है कि बबलू ने हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की हुई थी। उसकी अपील खारिज हो गई थी, इससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि डासना जेल में 2007 में बंदियों ने बवाल किया था, जिसमें बबलू के खिलाफ भी मसूरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी केस की वजह से उसे आगरा जेल शिफ्ट नहीं किया गया था।
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