सरकारी जमीन और तालाबों की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफियाओं को अब सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। मेरठ मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने अफसरों को निर्देश दिया है कि भूमाफियाओं को चिह्नित कर न केवल उन्हें जेल भेजा जाए बल्कि उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन, नगर निगम, जीडीए, आवास विकास परिषद एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की बैठक में मंडलायुक्त ने यह बात कही। तालाबों पर अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि
कुछ आपराधिक प्रवृति के लोगों ने सादे स्टांप पेपरों पर अवैध कब्जे वाली भूमि लोगों को धोखा देकर हस्तांतरित कर दी है। इस पर मंडलायुक्त ने नगर निगम के अपर आयुुक्त को निर्देशित किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
उन्होंने एसएसपी से कहा कि ऐसे मामलों में विवेचना के बाद यदि किसी किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता मिलती है तो उसे भी तत्काल जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में तीन दिनों के अंदर कार्रवाई शुरू हो जानी चाहिए।
बैठक में तालाबों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और रखरखाव की आवश्यकता पर बल देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कार्य योजना बना ली जाए। एक सूची ऐसे तालाबों की बनाए जो वर्तमान में खाली हैं।
इन तालाबों का नगर निगम भौतिक सत्यापन कर सीमेंट के खंभों या कटीले तारों से घेराबंदी कर उस पर बोर्ड लगा दे। बोर्ड में तालाब का क्षेत्रफल, लंबाई, चौड़ाई और स्वामित्व आदि भी स्पष्ट लिखी गई हो। तालाबों के जीर्णोद्धार पर होने वाला व्यय नगर निगम द्वारा वहन किया जाएगा।
इसके लिए लघु सिंचाई, आवास विकास, जीडीए और नगर निगम को कार्यदायी संस्था के रूप में चयनित किया गया। मंडलायुक्त ने कहा कि प्रत्येक तालाब पर कार्य शुरू करने से पहले ब्लू प्रिंट तैयार करके उसकी फोटोग्राफी करा ली जाए।
मंडलायुक्त ने तालाबों का स्थानीय आवश्यकतानुसार सौंदर्र्यीकरण कराने के भी निर्देश दिए। इन तालाबों में मत्स्य पालन के साथ ही वहां पौधरोपण, चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण, कुर्सियां व बेंच आदि लगाकर आकर्षक बनाने के लिए कहा ताकि लोग स्वयं वहां आकर सुखद वातावरण का आनंद ले सकें।
डीएम मिनिस्ती एस. ने बताया कि नगर निगम से मिली सूचना के अनुसार 34 तालाब खाली हैं और कुछ पर आंशिक अतिक्रमण है। डीएम ने कहा कि यह सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूरे किए जाएं।
इसके लिए एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह और संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह सभी कार्यों का समन्वय करेंगे। बैठक में सीडीओ रमेश रंजन, एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल, एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।