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स्कूल वैन में लगी आग, बाल-बाल बचे बच्चे

Thu, 22 Sep 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला इंदिरापुरम
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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अहिंसा खंड-2 स्थित आशियाना ग्रीन सोसायटी के सामने प्राइवेट स्कूल वैन में आग लगने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वैन चालक वैन से बाहर कूदा और लोगों की मदद से पीछे बैठे छह बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने करीब आधा घंटे की मशक्कत कर आग बुझाई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।    
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इंदिरापुरम के शक्ति खंड स्थित कैंब्रिज स्कूल के छह बच्चों को लेकर सुबह प्राइवेट स्कूल वैन जा रही थी। आशियाना ग्रीन सोसायटी के सामने अचानक वैन के अगले हिस्से में आग लग गई। ड्राइवर और बच्चों के बाहर निकलते ही वैन में तेज धमाका हुआ और पूरी वैन धू-धू कर जलने लगी।

लोगों ने अग्निशमन विभाग को मामले की सूचना दी। करीब 15 मिनट बाद फायर ब्रिगेड गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। एफएसओ अजय शर्मा ने बताया कि वैन में सीएनजी भी लगी थी। ऐसे में सीएनजी किट में आई खराबी से भी आग लग सकती है।
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जांच के बाद कारण स्पष्ट हो सकेंगे। हालांकि प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट आग लगने का कारण प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में कैंब्रिज स्कूल की प्रधानाचार्या हरदीप कौर से फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।       

ड्राइवर पर भड़के आसपास के लोग            
कार में आग से हुए धमाके के बाद लपटे काफी ऊंची उठने लगीं, जिसे देखकर बच्चे काफी डर गए और रोने लगे। इस पर वहां मौजूद लोगों ने बच्चों को रिक्शे में बैठाकर स्कूल भेजा। लोग ड्राइवर पर भड़क गए और उस पर कार की ठीक से सर्विसिंग नहीं करवाने का आरोप लगाया तो कार चालक भाग खड़ा हुआ। एफएसओ ने बताया कि चालक को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।             

कभी रिक्शे तो कभी अवैध स्कूल वैन में दांव पर नौनिहालों की जिंदगी            
ट्रांस हिंडन के स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का जीवन रोज सुबह दांव पर लग जाता है। दरअसल, ज्यादातर प्राइवेट स्कूल वैन बिना मानकों के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। न तो इन वैन की समय पर सर्विसिंग होती है, न ही इनमें अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स होते हैं।

विद्या बाल भवन स्कूल के प्रधानाचार्य हरिदत्त शर्मा ने बताया कि उनका स्कूल और अन्य स्कूल प्राइवेट वैन में बच्चों के आने को अनुमति नहीं देते है, मगर कई अभिभावक बच्चों को अपनी ही प्राइवेट वैन में भेजते हैं।

अभिभावक स्कूल को लिखित में सहमति पत्र देते हैं कि किसी भी दुर्घटना के लिए खुद जिम्मेदार होंगे, जबकि वह लगातार अभिभावकों को इस बारे में जागरूक करते हैं कि बिना मानक चल रही स्कूल वैन बच्चों के लिए खतरा हो सकती हैं। इतना ही नहीं कई बच्चे रिक्शे से स्कूल आते हैं। अक्सर जल्दबाजी में ऑटो और रिक्शे पलट जाते हैं और बच्चे चोटिल हो जाते हैं।            

आरटीओ से मिलकर करेंगे मानक बनाने की मांग            
ऑल पैरेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सचिन सोनी ने बताया कि आरटीओ से पहले भी मांग की गई है कि स्कूल वैन के लिए मानक तैयार किए जाएं। अब एक बार फिर मिलकर मानक बनवाने की मांग की जाएगी। बिना मानकों के चल रही वैन को सीज करवाया जाएगा।            
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