दोहरे हत्याकांड के बाद से जहां भीमनगर कालोनी का माहौल बुधवार को भी सहमा - सहमा सा दिखा, वहीं पीड़ित परिवार खौफजदा है। परिवार का कहना है कि आज तो पुलिस तैनात है लेकिन कल क्या होगा।
परिवार के मुखिया राजेंद्र कर्दम का कहना है कि जो महज गाय बांधने के विवाद पर इतनी निर्ममता से दो की जान ले सकता है, ऐसे व्यक्ति से खतरा तो ताउम्र रहेगा। उधर, शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने आने वालों का तांता लगा रहा।राजेंद्र ने बातचीत में कहा कि पड़ोसी से उनका झगड़ा सिर्फ गाय और गाड़ी को लेकर होता था।
वह हमारी दुकान के आगे गायें बांध देता था और गाड़ी सर्विसिंग के दौरान कई बार पाइप से पानी की छीटें हमारी ओर फेंकता था। इसका हम विरोध करते थे और वह इस पर झगड़ पड़ता था, बाकी हमारी और कोई दुश्मनी उससे नहीं थी। महज इतनी सी बात पर उसने हमारे जवान बेटे और बूढ़ी सास की हत्या कर दी, उससे तो आगे भी हमले का भय बना ही रहेगा।
उन्होंने कहा कि हम गरीब लोग हैं, हमें कौन पुलिस सुरक्षा देगा। इस घर के अलावा हमारा और कोई आशियाना कहीं नहीं है, वर्ना हम यह जगह छोड़ देते।
अंधकारमय हो गई दुनिया
राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपनी चार संतानों में सिर्फ रविंद्र (मृतक) को ही बी फार्मा तक की पढ़ाई करवाई थी। उसी से उम्मीद थी कि वह परिवार की आर्थिक हालात सुधारेगा। अपने टेंट की दुकान से वह मात्र 10-12 हजार रुपये कमा पाते हैं। आठ महीने पहले उनका एक हाथ टूट गया था, इससे वह काम भी बहुत कम कर पाते हैं।
एक महीने पहले पत्नी के गले का ऑपरेशन हुआ है। बेटे की मौत के बाद वह बार-बार बेहोश हो रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें अपनी जिंदगी में चारों ओर अंधेरा ही अंधेरा दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि आई जी, मेरठ जोन ने उसे सरकार से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
रविंद्र की बहन पर किया था ईंट से हमला
नानी-नाती की हत्या से पहले और बाद में भी आरोपी कृष्णवीर ने अपनी दोनाली बंदूक से हवाई फायरिंग की थी। परिजनों ने बताया कि वारदात केबाद कृष्णवीर के बेटे अखिलेश ने भाई को बचाने के लिए आगे आ रही बहन रेनू पर ईंट से हमला किया था। इसमें वह मामूली रूप से चोटिल हो गई थी। इसके बाद आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए थे।
विजयनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार मुख्य आरोपी कृष्णवीर ने बताया कि वह पड़ोसियों की आए दिन की गालियों से परेशान होगया था। इससे वह तनाव में रहता था। प्रेमवती ने शाम को भी उसे गालियां दी थीं। इसके थोड़ी देर बाद रविंद्र उससे गाय हटाने पर लड़ पड़ा था।