लग्जरी कार सवार पांच बदमाशों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अगवा कर कार, मोबाइल, 20 हजार रुपये, घड़ी और अंगूठी लूट ली। करीब दो घंटे उन्हें नोएडा और गाजियाबाद की सड़कों पर घुमाते रहे। इस दौरान पुलिस के 20 चेक पोस्ट पड़े, मगर उन्हें कहीं नहीं रोका गया। इतना ही नहीं, दोनों जिलों की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही, 15 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
दिल्ली अशोक नगर निवासी नीरज कुमार नोएडा सेक्टर-60 स्थित एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। बुधवार रात वह अपने दोस्त को सेक्टर-125 छोड़कर दिल्ली जा रहे थे। नीरज ने बताया कि रात करीब 10 बजे सेक्टर-126 में वह कार से उतरकर लघुशंका करने लगे।
तभी कार सवार पांच बदमाश आए। एक बदमाश कार में बैठा रहा, जबकि चार ने उन्हें हथियारों के बल पर कार समेत अगवा कर लिया। विरोध करने पर सिर में तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। एनएच-24 से होते हुए उन्हें इंदिरापुरम में काला पत्थर ले गए और एटीएम से पैसे निकालने को कहा।
एटीएम में पैसे न होने के कारण वह फिर उन्हें कार में डालकर विजयनगर में एर्बीईएस कट के पास लाए, यहां भी एटीएम से पैसे नहीं निकले तो पेट्रोल पंप पर परेशानी बताकर क्रेडिट कार्ड के जरिए 20 हजार कैश ले लिया।
रात करीब 11:40 बजे लुटेरों ने उन्हें नासिरपुर रेलवे फाटक के पास चलती कार से फेंक दिया। उन्होंने फाटक बंद कराकर लोगों की मदद से लुटेरों की पकड़ने की कोशिश की, मगर वह भाग गए। वह पुलिस चौकी गए, मगर चौकी पर ताला लटका था। अगर पुलिस होती तो शायद बदमाश पकड़े जाते।
नीरज ने बताया कि वह लिफ्ट लेकर विजयनगर थाने पहुंचे तो पुलिस ने नोएडा का मामला बताकर उन्हें टरका दिया। वह नोएडा स्थित एक्सप्रेसवे थाने गए तो उन्हें सेक्टर-39 थाने भेजा गया। थक हार कर वह घर चले गए।
व्हाट्स एप पर खबर वायरल होने के बाद पुलिस अफसर हरकत में आए बृहस्पतिवार को 15 घंटे बाद सेक्टर-39 थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई। लुटेरे पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं, पुलिस फुटेज के जरिए उनकी तलाश में जुटी है।
बता दें कि सोमवार को भी इसी तरह लुटेरों ने नोएडा से फाइनेंस एडवाइजर को अगवा कर लूटा था। बाद में मसूरी पुलिस ने लुटेरों को गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश किया था।
विजयनगर पुलिस ने हवा में उड़ाए डीजीपी के आदेश
पुलिस डीजीपी के आदेशों को भी ताक पर रखती है। डीजीपी के आदेश हैं कि थाना पुलिस सीमा विवाद में न उलझे। जहां भी पीड़िता जाए, वहां की पुलिस रिपोर्ट लिखे। अगर घटनास्थल उसके थाना क्षेत्र का न हो तो जीरो में रिपोर्ट लिखकर संबंधित थाने में भेज दे। इस वारदात में विजयनगर पुलिस ने डीजीपी के आदेशों को भी हवा में उड़ा दिया। सीमा विवाद की वजह से रिपोर्ट नहीं लिखी।