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रिंगिंग बेल्स कंपनी प्रकरण: नौकरानी ने मोबाइल मांगा तो सस्ते स्मार्ट फोन का आइडिया आया

Sun, 26 Feb 2017 12:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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मोहित - फोटो : अमर उजाला
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रिंगिंग बेल्स कंपनी के एमडी मोहित गोयल द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। पुलिस का मानना है कि मोहित ने एक नौकरानी से आइडिया लेकर करोड़ों की ठगी लोगों के साथ की है।
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आरोपी ने मेक इन इंडिया के नाम पर 251 रुपये में मोबाइल देने का वादा कर लोगों से करोड़ों की ठगी की है। आरोपी एकता कपूर के टीवी सीरियल में भी छोटा सा रोल कर चुका है।
आठवीं पास मोहित गोयल 2015 में शामली में सूखे मेवे की दुकान चलाता था।

उसी दौरान उसकी नौकरानी ने उससे स्मार्ट फोन के लिए पैसे मांगे थे। इसके बाद मोहित ने नेट पर सर्च किया तो उसे पता चला कि देशभर में केवल 30 करोड़ लोगों के पास ही स्मार्ट फोन हैं।
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इसी के बाद से वह सस्ते मोबाइल की एक कंपनी बनाने के सपने देखने लगा था। प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया मुहिम शुरू होने के बाद वह एक्टिव होकर कंपनी खड़ी करने के लिए जुट गया।

जून 2015 में मोहित ने रिंगिंग बेल्स नामक एक कंपनी बनाई। इसके माध्यम से लोगों को 251 में स्मार्ट फोन और 2999 रुपये में सबसे सस्ता 4जी फोन देने का वादा किया था। उसके इस प्लान में 100 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स उसके साथ जुट गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने उनसे 60 करोड़ से अधिक की ठगी की।

बता दें कि बृहस्पतिवार रात को सिहानी गेट पुलिस ने एक डिस्ट्रीब्यूटर की एफआईआर के आधार पर रिंगिंग बेल्स कंपनी के मालिक मोहित गोयल को धोखाधड़ी के मामले में उनके इंदिरापुरम स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। मोहित समेत उनके पत्नी धारणा गर्ग, अनमोल गोयल, अशोक चड्डा और सुमित कुमार की तलाश में दबिश दे रही है।

अशोक चड्ढा के साथ मिलकर तैयार किया था फोन का प्लान
मोहित ने बताया कि 251 रुपये में मोबाइल तैयार करने का प्लान उसने कंपनी के डायरेक्टर अशोक चड्ढा के साथ मिलकर तैयार किया था। अशोक चड्ढा अमेरिका के एक विश्वविद्यालय से फिजिक्स की पढ़ाई कर चुका था।

दोनों ने मिलकर सर्च किया कि इंडियन फोन के मुकाबले चाइना के मोबाइल की कीमत 300 गुना कम है। ऐसे में उन्होंने सबसे पहले वहां की एक कंपनी के साथ टाइअप कर एक मोबाइल बनवाया। इसकी कुल कीमत 1431 रुपये आई। इसके बाद वह लगातार मोबाइल कंपनी को लेकर काम करते रहे।

सस्ता बनाने के लिए मोबाइल में इंस्टाल की 28 एप्लीकेशन
पूछताछ में मोहित ने बताया कि 251 रुपये में मोबाइल देने के लिए मोबाइल में 28 प्राइवेट एप्लीकेशन इंस्टॉल किए। एप कंपनियों ने उसे एक एप के बदले में 35 रुपये मिलने की बात कही थी।

इन 28 एप के बाद उन्हें 1431 कीमत के फोन के लिए एप द्वारा 980 मिलने की बात तय हो गई। इसके बाद 200 रुपये वेबसाइट पर विज्ञापन का खर्चा लगाने के बाद मोबाइल 251 रुपये बनाना तय हो गया।

वहीं प्रोफिट के नाम पर वेबसाइट क्लिक और अन्य विज्ञापन लांच करने का प्रोग्राम बनाया गया। मोहित ने फरवरी 2016 में मोबाइल लांच कर दिया। इसका जबरदस्त प्रचार भी किया गया।

शुरूआती 20 मिनट में बुक हुए थे 27 हजार मोबाइल
मोहित ने बताया कि लांचिंग के शुरूआती 20 मिनट में 27 हजार मोबाइल फोन बुक हुए थे। 251 रुपये के स्मार्ट फोन के बारे में जब लोगों को पता चला था तो कंपनी की वेबसाइट साइट पर एक मिनट में छह लाख से अधिक लाइक और हिट्स मिले थे।

उसने बताया कि 7.50 करोड़ लोग अब तक उसकी वेबसाइट पर मोबाइल बुक कर चुके हैं। इसमें से उसने 70 हजार से अधिक 251 रुपये कीमत वाले मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर्स को दे भी दिए हैं।

एकता कपूर के टीवी सीरियल में भी काम कर चुका है आरोपी
पूछताछ में मोहित ने बताया कि 2014 में वह मुबंई में एक्टर बनने के लिए गया था। जहां उसने एकता कपूर के कई टीवी सीरियल में काम किया था। फिल्मों के लिए ऑडिशन दिया। इसमें उसने ए प्लस ग्रेड मिला था, लेकिन इस दौरान पिता का एक्सीडेंट होने कारण वह शामली लौट गया था। जहां उसने सूखे मेवे का की दुकान खोली थी।

फ्लैट का किराया है तीस हजार रुपये प्रतिमाह
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोहित गोयल गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एटीएस सोसायटी के फ्लैट में रहता है। इसके लिए वह हर महीने 30 हजार रुपये का किराया चुकता है। इसके अलावा वह मंहगे मोबाइल और ऑडी कार का भी शौकीन है।

सास बोली, ‘मेरा दामाद इंसान नहीं फरिश्ता है’
शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान मोहित से मिलने आई उसकी सास ने कहा कि उसका दामाद इंसान नहीं है। वह भगवान का भेजा हुआ फरिश्ता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी उसके पीछे-पीछे दौड़ती है।

जमानत अर्जी खारिज, मजिस्ट्रेट ने हटाईं कई धाराएं
मोहित गोयल की जमानत अर्जी को मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया है। डिफेंस के अधिवक्ता गौरव शर्मा का कहना है कि वह सोमवार को सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करेंगे।

शनिवार सुबह आरोपी मोहित को जेल से एसीजेएम-थर्ड लोकेश कुमार की कोर्ट में पेश किया गया। डिफेंस ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए जमानत दिए जाने की मांग की। उधर अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपी के खिलाफ पुलिस जांच अभी जारी है।

पुलिस को साक्ष्य जुटाने के लिए कुछ समय चाहिए। तब तक आरोपी को जमानत न दी जाए। बता दें कि इससे पहले बृहस्पतिवार को ही रिमांड मजिस्ट्रेट अभिमन्यु सिंह ने इस केस में अनावश्यक धाराएं लगाने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। मजिस्ट्रेट ने आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा लगाई गईं आईपीसी की धारा-467, 468, 471 और 120बी को हटा दिया था।
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