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असली आईडी पर नकली इशाक ने किया था सरेंडर

Sat, 04 Feb 2017 11:21 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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ऑडी-ऑटो की टक्कर में चार लोगों की मौत के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। बरेली से पुलिस को जानकारी मिली कि जिस इशाक नाम के व्यक्ति ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कोर्ट में सरेंडर किया था, वह घटना के दिन गुजरात में था। पुलिस के अनुसार, इशाक ने फोन पर बताया है कि वह ऑडी कार नहीं बल्कि ट्रक चलाता है।

इसके बाद पुलिस के शक की सुई वापस कार मालिक असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष की ओर मुड़ गई है। मनीष घटना के बाद से ही मोबाइल बंद कर घर से गायब हैं। अब पुलिस ने मामले में कोर्ट में सरेंडर करने आए इशाक के दोनों जमानतियों को भी नोटिस जारी कर थाने में पेश होने को कहा है।
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बीती 27 जनवरी को इंदिरापुरम की हिंडन नहर रोड पर दिल्ली की ओर से आ रही तेज रफ्तार ऑडी ने सामने से आ रहे ऑटो को टक्कर मार दी थी। टक्कर में ऑटो सवार नोएडा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर रिंकू यादव, कानपुर निवासी भाई विशाल और यजुवेंद्र और ऑटो चालक संजीव की मौत हो गई थी।

घटना के बाद से कार चालक का अता-पता नहीं था, जबकि मोबाइल लोकेशन से यह साफ हो गया था कि घटना के दौरान कार मालिक असिस्टेंट प्रोफेसर कार में ही थे और अस्पताल से वसुंधरा स्थित घर लौट रहे थे।

हालांकि घटना के चार दिन बाद इशाक अहमद पुत्र जमील निवासी हाफिजगंज बरेली ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन डालने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया था, उसे जमानत मिल गई थी।

एसएचओ इंदिरापुरम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बरेली से यह जानकारी मिली है कि इशाक पुत्र जमील निवासी ग्राम लबहैड़ा, हाफिजगंज बरेली ट्रक चलाता है। उससे फोन पर बात हुई तो उसने बताया है कि उसने ऑडी कार कभी नहीं चलाई। 27 जनवरी की रात वह अहमदाबाद में था। 30 जनवरी को वह बरेली स्थित अपने घर लौटा था।

फोन पर बात करने के दौरान वह असम में था। इशाक का कहना है कि अगर किसी ने उसके दस्तावेजों का गलत उपयोग कर फर्जीवाड़ा किया तो वह असम से लौटकर कोर्ट में फर्जीवाड़े के खिलाफ अपील करेगा। एसएचओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि असली इशाक कौन है।

पुलिस ने जमानतियों को भी जारी किए नोटिस
एसएचओ ने बताया कि इशाक कोर्ट में पेश हुआ था। इस दौरान उसके साथ दो जमानती भी थे। मामले में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए दोनों जमानती को नोटिस जारी कर थाने में तलब किया गया है। अगर कोर्ट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोई और युवक पेश हुआ है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस मिलने के दूसरे दिन भी ऑडी मालिक मनीष थाने नहीं पहुुंचे। पुलिस उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई कर सकती है।कोर्ट में पेश हुए इशाक और असली इशाक की फोटो भी आई सामनेकोर्ट में खुद को इशाक बताकर सरेंडर एप्लीकेशन दायर करने वाले व्यक्ति और ट्रक चालक इशाक पुत्र जमील की फोटो सामने आई है।

फोटो में दोनों युवकों की मूंछें हैं। हालांकि असली इशाक के बाएं गाल पर एक काला मस्सा है। कोर्ट में पेश हुए युवक की उम्र भी असली इशाक से कुछ ज्यादा है। पुलिस के अनुसार इशाक ने फोन पर बातचीत में बताया है कि उसके गांव में एक और इशाक रहता है। मगर उसके पिता का नाम जमील नहीं है।
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उसने आशंका जताई कि किसी करीबी ने उसके दस्तावेजों का गलत उपयोग कर यह फर्जीवाड़ा किया है। सूत्रों की मानें तो असली और नकली इशाक की यह स्क्रिप्ट बरेली के एक आईपीएस ने रची है। सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद से वही आईपीएस लगातार गाजियाबाद के अधिकारियों पर मनीष को गिरफ्तार न करने का दबाव बना रहे थे।

उधर, मामले में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई कि कोर्ट में सरेंडर के बाद भी पुलिस ने इशाक के दस्तावेजों की जांच ठीक से नहीं की।
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