पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इंदिरापुरम की एचआरसी सोसायटी के एक फ्लैट के नौकर के वेरिफिकेशन फॉर्म पर राहुल गांधी के नाम और फोटो को भी पुलिस ने वेरिफाई कर दिया। फॉर्म पर इंदिरापुरम थाने की शिप्रा चौकी की मुहर है। आरडब्ल्यूए की शिकायत के बाद पुलिस इसे फर्जी मुहर बताने में जुटी है।
एचआरसी सोसायटी के जिस फ्लैट का नंबर इस फॉर्म पर लिखा है, वहां रहने वाले रेजीडेंट का कहना है कि उन्होंने किसी वेरिफिकेशन के लिए एप्लाई ही नहीं किया है। हालांकि फॉर्म पर नौकर का नाम राहुल गांधी, पिता का नाम स्वर्गीय राजीव गांधी और मूल निवास मकान नंबर 12 तुगलक लेन, नई दिल्ली लिखा है।
एचआरसी सोसायटी का फ्लैट संख्या 1002 लिखा है और फ्लैट मालिक का नाम अरुण कुमार शर्मा है। हालांकि अरुण शर्मा का कहना है कि उनके यहां पहले से ही एक सहायिका काम कर रही है, जिसका वेरिफिकेशन हो चुका है।
पुलिस बच रही है जिम्मेदारी से
राहुल गांधी
- फोटो : Getty
आरडब्ल्यूए की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी है कि ऐसा मजाक किसने किया है। एसएचओ गोरखनाथ यादव ने बताया कि किसी ने थाना इंदिरापुरम की फर्जी मुहर का इस्तेमाल किया है। जल्द ही फर्जी मुहर बनवाने वाले को पकड़ लिया जाएगा।
200-500 रुपये देकर होता है वेरिफिकेशन: नौकरों और ड्राइवरों के वेरिफिकेशन का जिम्मा कुछ दलाल भी उठाते हैं, जो 200-500 रुपये देकर घर बैठे वेरिफिकेशन करवा देते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस वेरिफिकेशन में भी किसी दलाल ने ही काम किया है। साथ ही बिना थाने के पुलिसकर्मियों की जानकारी के लिए मुहर का प्रयोग किया है।
आतंकी घुसता तो कौन होता जिम्मेदार:
कुछ दिन पहले एटीएस सोसायटी के अर्शी हत्याकांड में भी किराएदार का फर्जी वेरिफिकेशन सामने आया था। राहुल गांधी की जगह अगर किसी आतंकी का वेरिफिकेशन हो जाता और आतंकी घटना होती तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। हालांकि पुलिस मुहर गलत होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है। आरडब्ल्यूए की जागरूकता ने किसी बड़ी घटना को होने से रोक दिया है।