विवेकानंद नगर में प्रधान पति सुधीर यादव ने जहर खाकर जान दे दी, जबकि उनकी पत्नी नीतू ने लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की है।
दोनों के हस्ताक्षर किए हुए दो सुसाइड नोट मिले हैं, जिनमें से एक में सुसाइड की वजह किराएदार द्वारा नीतू को परेशान करने की बात लिखी है। कविनगर पुलिस ने किराएदार को हिरासत में ले लिया है।
प्रधान पति सुधीर यादव (40) मूलरूप से अलीगढ़ जिले के दादो क्षेत्र के मुजफ्फरा गांव के रहने वाले थे। वह पूर्व प्रधान थे, जबकि उनकी पत्नी नीतू (36) वर्तमान में प्रधान हैं। इनके तीन बच्चे राहुल (15), नेहा (14) और प्रभात (8) हैं ।
इनका परिवार पिछले करीब 10 साल से विवेकानंदनगर में रह रहा है। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सुधीर की केमिकल फैक्ट्री है। आरोपी भी इन्हीं के गांव का है। वह टैक्सी चलाता है और पिछले चार माह से इनके घर में किराएदार है, इसके भी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
ये आपस में रिश्तेदार भी हैं। घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। गोली की आवाज सुनकर सुधीर के बच्चे जागे तो देखा पिता फर्श पर गिरे पड़े हैं और मां के सिर में गोली लगी है।
वे दौड़कर ऊपरी मंजिल से किराएदार और नीचे के फ्लोर पर रहने वाले युवक को बुलाकर लाए, जो कार में उन्हें नरेंद्र मोहन अस्पताल ले गए, जहां सुधीर को मृत घोषित कर दिया गया जबकि नीतू का नोएडा के जेपी अस्पताल में इलाज चल रहा है। नीतू की हालत गंभीर बनी है। देर रात तक इस संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
किराएदार ने कर दिया था जीना दूभर
पूर्व प्रधान सुधीर यादव की जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। सुसाइड नोट पर सुधीर यादव और नीतू के हस्ताक्षर हैं। इसमें समस्त अधिकारियों और एसएसपी को संबोधित करते हुए लिखा है कि हम लोग सुसाइड कर रहे हैं। हमारे सुसाइड का कारण किराएदार (नाम लिखा है) है, जिसने हमें समाज में जीने लायक नहीं छोड़ा है।
किराएदार ने सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया है। किराएदार नीतू को परेशान कर रहा था और मकान भी खाली नहीं कर रहा था। कहता था कि अगर मुझसे मकान खाली कराया तो पूरे समाज में तुम्हें मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ूंगा।
एसएसपी साहब से अनुरोध और हाथ जोड़कर नम्र निवेदन है कि किराएदार को कठिन से कठिन सजा दिलाने की कृपा करें। हम अपने छोटे-छोटे बच्चे छोड़कर जा रहे हैं। इस मामले कार्यवाहक एसपी राजेश सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सुधीर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है।
इसके बाद नीतू ने लाइसेंसी रिवाल्वर से दाईं कनपटी पर गोली मारकर जान देने की कोशिश की है। हालांकि पूरी वस्तु स्थिति नीतू के बयान के बाद ही साफ हो पाएगी, क्योंकि किसी ने भी घटना होते नहीं देखा है।
उन्होंने बताया कि आरोपी किराएदार पहले इनकी फैक्ट्री में काम करता था, बाद में वह टैक्सी चलाने लगा। दूसरी तरफ, मोहल्ले में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
गोली की आवाज सुनकर जागे बच्चे, मचा हड़कंप
सुधीर और नीतू का बड़ा बेटा राहुल 10वीं में पढ़ता है, जबकि बेटी नेहा नौवीं क्लास में। इन दोनों ने पुलिस को बताया कि रात करीब 12 बजे वे छोटे भाई प्रभात के साथ कमरे में सोए थे।
अचानक उन्होंने कमरे में गोली जैसी आवाज सुनी तो वह दौड़कर दूसरे कमरे में गए, जहां मम्मी-पापा पड़े हुए थे। उन्होंने किराएदार अंकल (आरोपी) को बताया जो कार में उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गए, जहां गंभीर होने की वजह से उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया।
इसके बाद दोनों को नरेंद्र मोहन अस्पताल में मोहन नगर ले जाया गया था, जहां से नीतू को नोएडा के लिए रेफर कर दिया था। नरेंद्र मोहन अस्पताल से कविनगर पुलिस को रात करीब तीन बजे घटना की सूचना मिली। बाद में मोहल्लेवालों ने भी पुलिस को जानकारी दी। कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की।
गांववालों हमें माफ कर देना
सुसाइड नोट 2: इस सुसाइड नोट में सुधीर ने लिखा है कि मेरे गांव वालों मुझे माफ कर देना। मैं आप लोगों की सेवा नहीं कर पा रहा था। बहुत परेशान था। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं, अगर कोई लेना-देना हो तो उनसे कर लेना।