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फिर सामने आया यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा, सिपाही को किडनैप कर कैदी हुआ फरार

Mon, 17 Oct 2016 06:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
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Dasna jail
पेशी पर आया बंदी शुक्रवार को सिपाही को अगवा कर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। बंदी पहले सिपाही को कोर्ट से बाहर लाया, फिर अपने कार सवार साथियों की मदद से उसे पीटा और सदरपुर के जंगल में फेंक दिया। इस दौरान उसकी आंखों में मिर्ची स्प्रे भी किया। सिपाही को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर ही है। दतियाना (मुजफ्फरनगर) निवासी रुचिन को दो साल पहले मोदीनगर पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उसे डासना जेल से पेशी पर लाया गया था। सुबह 11 बजे रुचिन को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे वापस सदर हवालात ले गए। दोपहर ढाई बजे रुचिन की एक अन्य केस में दूसरी कोर्ट में पेशी थी।
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Dasna jail
कानपुर निवासी सिपाही जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह रुचिन को लेकर कोर्ट की ओर जा रहा था। इसी बीच आरोपी ने उसे नशीला पानी पिला दिया। इसके बाद उस पर बेहोशी छाने लगी। बंदी उसे कोर्ट से बाहर ले गया और बाहर खड़ी एक लग्जरी कार में बैठा लिया। विरोध करने पर कार में पहले से मौजूद चार-पांच युवकों ने तमंचे की बट से उसकी नाक और सिर पर कई वार किए। बाद में उसकी आंखों में मिर्ची स्प्रे डाल कर उसे सदरपुर नाला रोड पर फेंक दिया और मेरठ रोड की ओर को भाग गए। एक राहगीर की मदद से उसने कंट्रोल रूम को सूचित किया।
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Dasna jail
एमएमजी में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने सिपाही जितेंद्र को हिरासत में ले लिया। एसएसपी केएस इमेनुएल का कहना है कि शुरूआती जांच में सिपाही की बातें संदिग्ध लग रही हैं। उसके खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

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Dasna jail
गले नहीं उतरती सिपाही की कहानी
डासना जेल से कोर्ट में पेशी पर आए मुजफ्फरनगर के कुख्यात रुचिन की फरारी और पुलिसकर्मी जितेंद्र ने जो घटनाक्रम बताया है, उसमें कई झोल हैं। लोगों का यही कहना है कि रुचिन जैसे फरार हुआ है, वह अपने आप में पहली घटना है। कोर्ट परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और चप्पे-चप्पे पर पुलिस-पीएसी जवान तैनात होते हैं।
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Dasna jail
इतनी सिक्योरिटी के बीच अर्ध बेहोशी की हालत में एक सिपाही का हाथ पकडे़ बंदी सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर निकल जाए, यह बात हजम नहीं हो रही। साथ ही एक सिपाही अर्ध बेहोशी की हालत में आरडीसी तक करीब 200 मीटर तक पैदल चला जाए, इस पर भी यकीन करना मुश्किल है। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी सिपाही जितेंद्र सिंह ने बताया कि अर्ध बेहोशी की हालत में बंदी उसका हाथ  पकड़कर आरडीसी तक ले गया, जहां पहले से ही उसके साथी लग्जरी कार में सवार थे।
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Dasna jail
सवाल यह है कि कोर्ट परिसर में अंदर आने और जाने के लिए कुल सात प्वाइंट हैं और इन सातों ही प्वाइंट पर हमेशा कड़ी सिक्योरिटी रहती है। इसके अलावा कोर्ट परिसर और कचहरी परिसर के बीच दीवार बनाकर गेट लगाए गए हैं। इन दोनों ही प्वाइंट पर पुलिस और एलआईयू के जवान मुस्तैद रहते हैं। यहां से प्रत्येक व्यक्ति मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरता है। यहां से गुजरते समय क्या सिपाही इस कदर बेहोश हो चुका था कि बंदी उसका हाथ पकड़कर निकाल ले गया और वह जरा विरोध भी नहीं कर पाया।
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फरार कैदी
सवाल खड़ा होता है कि अगर अर्ध बेहोशी की हालत में सिपाही विरोध करने की स्थिति में नहीं था तो फिर वह आसानी से चल कैसे रहा था। क्या घटना के समय सभी प्वाइंट पर सिक्योरिटी गायब हो गई थी। अगर सुरक्षाकर्मी सभी प्वाइंट पर तैनात थे, तो उन्हें अर्ध बेहोशी की हालत में चलता हुआ सिपाही आखिर नजर क्यों नहीं आया।

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यही सब बातें जांच में जुटी पुलिस टीम को परेशान कर रही हैं। पुलिस ने सिपाही जितेंद्र के मोबाइल फोन को भी सर्विलांस पर ले लिया है। इसके अलावा कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जाएगी।

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आरोपी सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
एसएसपी के निर्देश के बाद कविनगर थाने में आरोपी सिपाही जितेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कविनगर पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी केएस इमेनुएल ने लापरवाही का दोषी मानते हुए जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। फरार बंदी की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम गठित की गई है।
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पहले भी जेल जा चुका है सिपाही
बंदी के फरार होने में लापरवाही का आरोपी सिपाही जितेंद्र दो साल पहले विजय नगर थाने में तैनात था। ड्यूटी केदौरान विजय नगर की एक महिला ने उसके खिलाफ विजय नगर थाने में ही रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद सिपाही डासना जेल चला गया था। हालांकि बाद में सिपाही को निर्दोष पाया गया था। वहीं, जितेंद्र छह माह पहले लिंक रोड थाने में तैनात था। इसी दौरान ड्यूटी पर रिश्वत लेने के आरोप में जितेंद्र को एसएसपी ने लाइन हाजिर किया था। इसके बाद वह लाइन में ड्यूटी पर था।

इससे पहले यूपी मे ही पुलिसवालों की आंख में मिर्च पाउडर डालकर भागे थे कैदी
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