हरसांव गांव में डेयरी संचालक योगेश सिंह (28) की खूंटे से पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में एक महिला, व्यक्ति और 14 वर्षीय किशोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कविनगर पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अवैध संबंध और प्रॉपर्टी विवाद को वारदात की वजह मान रही है।
योगेश सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह बुलंदशहर के अगौता थाना क्षेत्र के भंडोली गांव के रहने वाले थे। पिछले करीब 11 माह से हरसांव की प्रताप कालोनी में सतबीर फौजी के मकान में किराए पर रहकर डेयरी चलाते थे।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे एक वृद्धा डेयरी पर दूध लेने आई तो देखा कि डेयरी के बाहर चारपाई पर योगेश का शव और पास ही खून से सना डंडा पड़ा था। उसने डेयरी पर काम करने वाले बाबू के घर जाकर उसे जगाया और वारदात के बारे में बताया।
बाबू ने पुलिस और योगेश के परिजनों को सूचना दी। सुबह साढ़े छह बजे कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। बाबू ने पुलिस को बताया कि छह माह से योगेश का गोविंदपुरम निवासी एक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
वह डेयरी पर दूध लेने आती थी। बुधवार रात करीब नौ बजे वह और योगेश चाऊमीन खा रहे थे। इसी दौरान योगेश के पास महिला का फोन आया कि एक व्यक्ति उसे जान से मारने की कोशिश कर रहा है। वह आकर उसे बचा ले।
फिर पांच मिनट बाद एक और कॉल आई की वह घर से निकल गई है और वेव सिटी कट के पास खड़ी है। इस पर योगेश ने कहा कि यह पंडित (महिला का पति) तो गया आज काम से, और उसने फोन काट दिया।
करीब आधे घंटे बाद योगेश डेयरी से स्कूटी लेकर महिला से मिलने निकल गया। बकौल बाबू, रात करीब 11 बजे योगेश ने कॉल कर उसे बताया कि ‘तुम डेयरी बंद कर घर चले जाओ, मुझे आने में देर लगेगी।’
इसके बाद वह डेयरी बंद करके चला गया था। इसके बाद योगेश डेयरी पर आकर सो गया होगा। अंदेशा है कि इसी दौरान उसकी हत्या की गई है। सूचना पर पहुंचे योगेश के भाई ने दोपहर बाद एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उसने गोविंदपुरम निवासी महिला, सुमेश और 14 साल के किशोर को आरोपी बनाया है।
इस संबंध में कार्यवाहक एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि बाबू ने पुलिस पूछताछ में कहा है कि महिला योगेश पर उसकी गांव की जमीन बेचने का दबाव बना रही थी। शुरुआती जांच में पुलिस को मामला अवैध संबंधों और प्रॉपर्टी विवाद का लग रहा है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
योगेश के साथ शिमला-मनाली घूमती थी महिला
कविनगर थाने आए योगेश के परिजनों ने बताया कि वह योगेश को समझाते थे कि वह महिला से संबंध न रखे। वह महिला को कई बार बुलंदशहर भी लेकर आया था। इसके अलावा उसे लेकर शिमला, हरिद्वार और मनाली भी ले गया था।
दूसरी तरफ, योगेश के पड़ोसियों ने बताया कि योगेश ने एक माह पहले कहा था कि वह मर जाएगा। उसने बताया था कि उसका सुमेश से झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद से वह उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था।
पुलिस ने नहीं ले जाने दिए पशु
योगेश के परिजन डेयरी के पशुओं को भी बुलंदशहर लेकर जाना चाह रहे थे, मगर पुलिस ने उन्हें नहीं ले जाने दिया। कहा कि बाद में ले जाना। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम के बाद योगेश का शव अंतिम संस्कार करने के लिए बुलंदशहर ले गए।