कनावनी गांव में गली में कार खड़ी करने के विवाद में दबंगों ने दलित परिवार की लाठी-डंडों से पिटाई की। इस दौरान दबंगों ने कई हवाई फायर किए, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। घायल दलित परिवार ने पुलिस से शिकायत की तो दबंगों ने उन्हें फिर पीटा।
घटना में दलित परिवार के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने 15 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए देर रात तक पुलिसबल तैनात रहा।
कनावनी गांव निवासी पीड़ित यहां लंबे समय से रह रहे हैं। उनका बेटा गांव में ही बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम करता है। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे पीड़ित का बेटा दुकान से अपने चाचा के घर आया और गली में कार खड़ी कर दी।
आरोप है कि पास ही रहने वाले विकास ने उनकी कार में अपनी कार से टक्कर मार दी। इस दौरान दोनों में कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई। झगड़ा बढ़ता देख दोनों ओर से परिवार के लोग इकट्ठा हो गए। आरोप है कि विकास और उसके परिवार के लोगों ने पीड़ित पक्ष के साथ लाठी डंडों से मारपीट की और डराने के लिए कई हवाई फायर किए।
महिलाओं से अभद्रता की। पीड़ित पक्ष ने घर में घुसकर अपनी जान बचाई और किसी तरह देर रात थाना इंदिरापुरम पहुंचकर मामले की शिकायत दी। पुलिस को शिकायत देकर दलित परिवार जब दो कारों से घर लौट रहा था तभी रास्ते में ही चार कारों से आए विकास और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया।
इस दौरान उनके साथ फिर से मारपीट की गई। उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही सभी दबंग भाग गए। एसएचओ इंदिरापुरम बीआर जैदी ने बताया कि आरोपी पक्ष के प्लॉट के सामने पीड़ित पक्ष ने कार खड़ी की। जिसके बाद झगड़ा शुरू हुआ।
घटना में पीड़ित पक्ष के घायलों को एमएमजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। आरोपी विकास, संजीत, जितेंद्र, शिवम, पिंटू, अतुल, प्रवीन, कपिल, दीपक, योगेश, रविंद्र, अरुण, संदीप, प्रमोद, मनोज और 15 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, एससी एसटी एक्ट और महिलाओं से छेड़छाड़ आदि की धाराओं में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।
प्रवीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जबकि आठ-दस लोगों को हिरासत में लेकर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। तनाव की स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी फोर्स तैनात है।
उधर, आरोपी पक्ष का कहना है कि दूसरा पक्ष घर के सामने खड़े होकर कार में शराब पी रहा था, जिसका विरोध करने पर उन पर हमला हो गया। बीच-बचाव में कुछ लोगों को चोटें आ गईं।
प्लॉट के रास्ते को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है विवाद
एसएचओ ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच प्लॉट के रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद है। दरअसल, विकास गुर्जर का एक प्लॉट उसी गली में है, जिसमें पीड़ित पक्ष रहता है। विकास प्लॉट का गेट उसी गली से निकालना चाहते हैं जिस ओर पीड़ित पक्ष का घर है।
पीड़ित पक्ष इसका विरोध कर रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पहली बार झगड़े के दौरान कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची मगर कोई कार्रवाई नहीं की।
इस दौरान आरोपी पक्ष के कुछ लोग पुलिस के सामने ही हवाई फायर करते हुए भागे, मगर पुलिस उन्हें नहीं पकड़ सकी, जिससे विवाद बढ़ गया। उन्होंने दूसरे पक्ष पर घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और महिलाओं से अभद्रता का भी आरोप लगाया।
पहले भी हो चुका है खूनी संघर्ष
अप्रैल 2014 में भी कनावनी गांव में प्लॉट पर कब्जे के विवाद को लेकर दलित परिवार और गुर्जर परिवार के बीच गोलियां चली थीं। इस दौरान गांव के प्रधान के भतीजे की गोली लगने से मौत हो गई थी।
इसके बाद गांव में कई दिन तक दहशत का माहौल रहा था, जिसके चलते दलित समाज के कई परिवार यहां से चले गए थे। दलित परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस पहले ही प्लॉट के रास्ते के विवाद का निपटारा कर देती तो बृहस्पतिवार रात की घटना होती ही नहीं।