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रुमाल में बांध कागज की गड्डी दिखाकर ठगने वाले दो दबोचे

Wed, 20 Jul 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला वसुंधरा
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अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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 सेक्टर-15 स्थित भारतीय स्टेट बैंक की ब्रांच के बाहर मंगलवार को नोटों के साइज की कागज की गड्डी रुमाल में बांधकर लोगों को ठगने वाले दो युवकों को पुलिस ने लोगों की मदद से धर दबोचा।
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प्रह्लाद गढ़ी निवासी चाऊमीन विक्रेता पप्पू मंगलवार सुबह रुपये जमा कराने स्टेट बैंक की सेक्टर-15 स्थित शाखा गए थे। बैंक के बाहर ही एक युवक ने उन्हें रोका और रुपये जमा करने वाला फॉर्म भरने में मदद मांगी।

युवक ने पप्पू से कहा कि वह जल्दी में है और उसके एक लाख रुपये बैंक में जमा करा दे। युवक ने पप्पू को रुमाल बंधी एक गड्डी थमा दी। तभी युवक का दूसरा साथी आया। दोनों ने पप्पू से चार हजार रुपये यह कहकर ले लिए कि उनकी गड्डी में से अपने रुपये निकाल लेना।
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जब युवक जाने लगे तो पप्पू ने रुमाल खोला तो कागज की गड्डी देख शोर मचा दिया। लोगों ने तत्काल दोनों को दौड़कर पकड़ लिया। बाद में दोनों को पुलिस को सौंप दिया। उनके पास से रुमाल में बंधी एक और कागज की गड्डी बरामद हुई।
 
चौकी इंचार्ज ने बताया कि ठग योगेश निवासी छिजारसी और नीरज निवासी खोड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गुजरात में सीखी थी ठगी की ट्रिक :  योगेश ने बताया कि वह बैंक के बाहर खड़े होकर कम पढ़े लिखे लोगों को चिन्हित करते थे।

इसके बाद उनसे फॉर्म भरवाते थे। ट्रेन छूटने की बात कहकर उनका कैश ले लेते थे, जबकि एक लाख रुपये की गड्डी बताकर कागज की गड्डी थमा देते थे। इस काम में नीरज उसकी मदद करता था।

योगेश ने बताया कि कुछ समय पहले तक वह गुजरात के सूरत में सिलाई काम करता था। वहां उसने ठगी की यह ट्रिक सीखी थी। इसके बाद से ज्ञानी बॉर्डर के पास और दिल्ली के गीता कालोनी में हजारों रुपये ठग चुका है।

रात को चलाता था ऑटो, दिन में ठगी: नीरज ने बताया कि रात को वह मोहन नगर से आनंद विहार ऑटो चलाता था, जबकि दिन में ठगी करता था। हालांकि ठगी के दौरान वह साथी बदलता रहता था। योगेश के साथ उसने यह दूसरी बार ठगी का प्रयास किया, जिसमें वह पकड़ा गया।
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