ऊंची पहुंच और पावर के दम पर मलाईदार पदों पर आसीन रहे अधिकारियों पर अब शिकंजा सकेगा। ऐसे तमाम अधिकारियों पर इनकम टैक्स विभाग जल्द बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। क्लास ए और बी कैटेगरी के अफसरों से लेकर तमाम विभागों से जुड़े कांट्रेक्टर निशाने पर हैं, जिनकी चल व अचल संपत्ति की फाइलें विभाग खोल रहा है।
खासकर पुरानी सरकार में लंबे समय तक तैनात रहे अधिकारी रडार पर हैं।इनकम टैक्स विभाग का यूपी में छापामारी अभियान जारी है। कानपुर, आगरा व नोएडा में कार्रवाई के बाद अब जल्द ही कुछ दूसरे जिलों में छापामारी होगी। इनमें गाजियाबाद, मेरठ समेत यूपी के अन्य प्रमुख शहर शामिल हैं।
उन विभागों के अधिकारी व कांट्रेक्टर (ठेकेदार) निशाने पर हैं, जिनका भारी बजट रहा है। तमाम जिलों की डेवलपमेंट अथॉरिटी, सेल्स टैक्स, स्वास्थ्य, जिला प्रशासन, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, परिवहन, आबकारी समेत अन्य प्रमुख विभाग में तैनात रहे चुके अधिकारी भी रडार पर हैं।
इनकम टैक्स से जुड़े एक बडे़ अधिकारी ने बताया है कि क्लास ए व बी के अधिकारियों के साथ तमाम विभागों के साथ काम करते आ रहे कांट्रेक्टर्स के ठिकानों पर भी छापामारी की तैयारी है। विभाग की हर यूनिट को निर्देश है कि वो अपने कार्य क्षेत्र में तैनात रहे ऐसे अधिकारियों का रिकार्ड खंगाले जिन्होंने अपार दौलत कमाई है।
कोठी बनाने वाले भी निशाने पर
बीते सालों के दौरान नोएडा व गाजियाबाद में अपनी कोठियां खड़ी करने वाले अधिकारी सबसे पहले निशाने पर हैं। इनकम टैक्स के अधिकारी कहते हैं कि कोई 60-90 हजार रुपये महीना सैलरी पाने वाला अधिकारी कैसे दो-चार साल के अंदर 10 से 20 करोड़ की कोठी खड़ी कर सकता है।
जाहिर है, ऐसे अधिकारी ने नंबर दो में पैसा कमाया है और विभाग को रिटर्न भरने में भी गुमराह किया है।इनकम टैक्स ने कार्रवाई के लिए छह महीने का टारगेट निर्धारित किया है। इस दौरान यूपी में व्यापक पैमाने पर कार्रवाई देखने को मिलेगी।
सूत्र बताते हैं कि हर यूनिट में ऐसे अधिकारी व ठेकेदारों की लिस्ट तैयार है। कार्रवाई करने से पहले विभाग ऐसे लोगों की पूरी कुंडली खंगाल रहा है ताकि उनसे जुड़े हर ठिकाने पर कार्रवाई की जा सके।