एनआरएचएम घोटाले के एक आरोपी देवेंद्र मोहन ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सशर्त जमानत राशि के 45 लाख रुपये जमा करा दिए। आरोपी ने बैंक ड्राफ्ट के रूप में यह राशि जमा कराई है। इससे पहले सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में पेश होकर आरोपी के अधिवक्ता ने रुपये जमा कराने की अर्जी दी।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह के अनुसार देवेंद्र मोहन को 16 फरवरी 2016 को जमानत मिली थी। सीबीआई विशेष कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत राशि के रूप में 50 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ माह स्टे के बाद आरोपी को हाईकोर्ट में जाने की बात कही। हाईकोर्ट ने आरोपी को उस समय पांच लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। इसी के चलते आरोपी ने 28 अगस्त 2016 को गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में 5 लाख रुपये जमा करा दिए थे।
सीबीआई लोक अभियोजक ने बताया कि नवंबर 2016 में हाईकोर्ट का आदेश डिसमिस हो गया था। 9 दिसंबर को हाईकोर्ट ने आरोपी को बाकी 45 लाख रुपये की रकम जमा करने के लिए चार माह का समय दिया था।
यह समय सीमा 8 अप्रैल को समाप्त होने जा रही थी। इसी के चलते बृहस्पतिवार को आरोपी देवेंद्र मोहन अपने अधिवक्ता के साथ सीबीआई विशेष कोर्ट पहुंचा और सशर्त जमानत की बकाया 45 लाख की राशि का बैंक ड्राफ्ट जमा करा दिया।