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नोएडा प्राधिकरण का सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर जेपी सिंह गिरफ्तार

Thu, 11 Aug 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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काली कमाई से ‘कुबेर’ बने नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के साथी जेपी सिंह को बुधवार को सीबीआई ने धर दबोचा। नोएडा प्राधिकरण में ही सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर रहे जेपी सिंह के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखे थे।
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सीबीआई ने आरोपी को विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया। यादव सिंह प्रकरण में चार्जशीट पेश होने के बाद से ही ज्यादातर आरोपी भूमिगत हो गए हैं।

कोर्ट बार-बार आरोपियों को सम्मन जारी कर रही है। जेपी सिंह के बेटे को सीबीआई ने समन तामील करा दिए थे। इसके बाद भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। कोर्ट पूर्व में उसके जमानती वारंट भी जारी कर चुकी थी।
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विगत 28 जुलाई को भी जब जेपी सिंह कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो न्यायाधीश ने जेपी सिंह के साथ ही इसी मामले में आरोपी रहे एनकेजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के मालिक प्रदीप गर्ग के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।

इन्हीं वारंट के आधार पर सीबीआई ने आरोपी को दिल्ली स्थित उनके गांव जसौला से धर दबोचा। बता दें कि यादव सिंह प्रकरण में सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख नियत है। ऐसे में अब जेल में बंद यादव सिंह और उनके सभी सहयोगियों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

घंटों घर छानती रही सीबीआई, बाथरूम में छिपा था जेपी सिंह

गिरफ्तारी से पहले नोएडा प्राधिकरण के सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर जेपी सिंह और सीबीआई टीम के बीच करीब ढाई घंटे तक चूहे-बिल्ली का खेल चला। सीबीआई टीम के आने की भनक मिलते ही आरोपी अपने पांच मंजिला मकान की  छत पर जा पहुंचा और वहां बने एक बाथरूम में छिपकर बैठ गया। ढाई घंटे तक आरोपी इसी बाथरूम में बैठा रहा।

सीबीआई ने भी आरोपी की गिरफ्तारी को जो जाल बिछाया था, वह भी कम रोचक नहीं था। दरअसल सीबीआई को आरोपी के सिर्फ नोएडा सेक्टर-27 स्थित आवास की जानकारी थी। इसी पते पर सीबीआई बार-बार सम्मन लेकर जाती, मगर वहां ताला लगा मिलता था।

चार्जशीट के बाद से ही आरोपी इस मकान में नहीं आया। इसके बाद सीबीआई ने नोएडा प्राधिकरण से उसका सर्विस रिकॉर्ड निकाला। सर्विस रिकॉर्ड से ही पता चला कि आरोपी मूल रूप से दिल्ली के जसौला गांव का रहने वाला है।

इस पर सीबीआई टीम जसौला गांव पहुंची और उसके मकान का पता लगा लिया। जसौला में अपने पांच मंजिला मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर जेपी सिंह परिवार के साथ रह रहा था, जबकि ग्राउंड फ्लोर उसने किराए पर दे रखा था।

बुधवार सुबह सीबीआई टीम जसौला पहुंची और आरोपी के घर में जा घुसी। गोपनीयता कहीं भंग न हो जाए, इसी के चलते सीबीआई ने लोकल पुलिस को भी अपने इस ऑपरेशन की जानकारी नहीं दी थी। सीबीआई ने पहली मंजिल से ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया था।

दो घंटे चले अभियान के बाद भी जब आरोपी का पता नहीं चला तो एक बार तो सीबीआई टीम निराश हो गई। टीम को लगा कि शायद आरोपी उन्हें चकमा देकर निकल भागा है। एक-एक कमरे की तलाशी लेते हुए सीबीआई टीम आखिर में पांचवीं मंजिल की छत पर पहुंची।

छत के एक किनारे पर बने बाथरूम को सीबीआई ने ऐसे ही चेक कर लिया तो पता चला कि आरोपी उसके अंदर ही बैठा है।

गिरफ्तार होते ही बोला आरोपी- मैं तो कल पेश हो ही रहा था

सीबीआई की गिरफ्त में आने के साथ ही आरोपी जेपी सिंह का कहना था कि आप अनावश्यक ही परेशान हुए, वह तो बृहस्पतिवार को सरेंडर करने वाला था। बता दें कि बृहस्पतिवार को यादव सिंह मामले में डासना जेल में बंद सभी आरोपियों की सीबीआई कोर्ट में पेशी होनी है।
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