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लोन देने के नाम पर कई लोगों से लाखों हड़पे

Mon, 25 Jul 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
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अब पीएफ के पूरे पैसे निकाले जा सकेंगे - फोटो : getty
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एक प्राइवेट कंपनी द्वारा लोन देने के नाम पर एजेंट के माध्यम से सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। बीस दिन से कंपनी के दफ्तर पर ताला लगा हुआ है। पीड़ितों ने शनिवार को थाने में तहरीर दी है।
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जनपद अलीगढ़ के गांव नंगला क्लार निवासी सुमन पत्नी सुरेंद्र, सुनीता पत्नी शिवकुमार, राकेश पुत्र सियाराम, शशी देवी पत्नी धमेंद्र, अरुण पुत्र परदेशी लाल, बबली पत्नी राजेंद्र और हरिश पाठक पुत्र रामवीर ने बताया कि गत दिनों उनको उन्हीं के मोहल्ले के एक युवक ने बताया कि वह मोदीनगर स्थित डा.केएनमोदी कॉप्लेक्स स्थित एक प्राइवेट कंपनी में बतौर एजेंट काम करता है।

कंपनी काफी कम ब्याज पर लोन देती है। इस पर उन लोगों ने गत 2 जून को कंपनी से लोन के लिए आवेदन किया। पीड़ितों के मुताबिक एग्रीमेंट, सर्विस टैक्स और प्रोसीसिंग फीस के नाम पर उन सभी से उक्त एजेंट को बीस-बीस हजार रुपये जमा करा दिए।
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एजेंट ने उनसे कहा कि पंद्रह दिन के भीतर उनको लोन मिल जाएगा। डेढ़ माह बीत जाने के बाद लोन के संबंध में जब उनको कुछ नहीं बताया गया तो वह लोग एकत्र होकर मोदीनगर स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचा तो वहां उनको दफ्तर पर ताला लगा मिला।

पड़ोस में पूछने पर उनको पता चला कि वह लोग तो बीस दिन पहले ही कंपनी बंद करके यहां से चले गए। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने रुपये लौटाने के लिए एजेंट पर दबाव बनाया तो उसका कहना है कि उसने तो कंपनी में रुपये जमा करा दिए थे। पीड़ितों ने कोतवाली प्रभारी को बताया कि उनके अलावा अन्य सैकड़ों लोग भी धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं।

इसके अलावा कंपनी में कार्य करने वाले एजेंट अरुण ने भी थाने में तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि कंपनी संचालक ने तीन हजार रुपये माहवार वेतन पर उसे रखा था। डेढ़ माह उसने कंपनी में काम किया था, मगर कंपनी संचालक उसका वेतन भुगतान किए बिना ही दफ्तर पर ताला लगाकर चले गए। कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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