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एलआर कालेज में कर्मचारी के सुसाइड का मामला

Wed, 07 Sep 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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 राजेंद्र नगर निवासी एलआर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सुसाइड के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। परिजनों का दावा है कि कर्मचारी के कमरे से उन्हें एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें अपनी मौत के लिए कर्मचारी ने कालेज प्राचार्य और एक अन्य अधिकारी को जिम्मेदार बताया है। इस पर परिजनों ने थाना साहिबाबाद पर हंगामा किया। हालांकि पुलिस ने परिजनों की शिकायत लेकर उन्हें शांत कराया।
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राजेंद्र नगर निवासी रंजीत कुमार ने बीते रविवार शाम को घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। रंजीत साहिबाबाद के एलआर कालेज में संविदाकर्मी था। मंगलवार सुबह रंजीत के पिता रामू और पत्नी रूपा थाना साहिबाबाद पहुंचे और सुसाइड नोट दिखाया।

परिजनों का दावा है कि नोट रंजीत के कमरे से मिला है, जिसमें मौत के लिए कालेज प्राचार्य डा. एसडी कौशिक और ऑफिस सुपरिंटेंडेंट भूदेव शर्मा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
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पिता ने बताया कि वह रंजीत के घर से कुछ ही दूरी पर रहते हैं। बेटे रंजीत ने उन्हें फोन कर कालेज मैनेजमेंट के व्यवहार से परेशान होने की बात कही थी।

जब उसने नौकरी छोड़ने की कोशिश की, तो उसे चोरी के झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी भी दी गई। पिता का आरोप है कि जेल जाने के डर से रंजीत ने सुसाइड किया है। पत्नी रूपा ने बताया कि अगर प्रबंधन के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह कालेज गेट पर ही आत्मदाह करेगी।एसओ साहिबाबाद सुरेंद्र यादव ने बताया कि परिजनों की शिकायत लेकर मामले की जांच की जा रही है।

जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।कालेज प्राचार्य डा. एसडी कौशिक का कहना है कि रंजीत बेहद अच्छे स्वाभाव का कर्मचारी था। कालेज में उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। ऐसे में शोषण का सवाल ही नहीं उठता है। आरोप निराधार हैं।परिजनों द्वारा दिए गए सुसाइड नोट में रंजीत ने लिखा है कि 'मैं आत्महत्या कर रहा हूं, मेरे मरने का कारण प्रिंसिपल डा. एसडी कौशिक और भूदेव शर्मा हैं।

मेरे साथ मानसिक शोषण किया गया। मेरे मरने के बाद मेरे बच्चों का पालन सभी मिलकर कर देना।' पत्नी रूपा ने बताया कि रंजीत बच्चों की हमेशा चिंता करते थे। ऐसे में वह किस हद तक शोषण से परेशान थे, इसका अंदाजा सुसाइड नोट से लगाया जा सकता है।
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