पत्नी से विवाद के चलते चचेरे ससुर की चाकू घोंपकर हत्या करने के आरोपी दामाद को जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण उपाध्याय ने दोषी करार दिया है। इसी मामले में दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
घटना 14 अगस्त 2014 की है। साहिबाबाद थाना क्षेत्र की अर्थला कॉलोनी में शाम 6 बजे अपनी दुकान बंद कर नत्थूराम घर जा रहा था। इसी दौरान चाकू घोंपकर उसे घायल कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
इस मामले में नत्थू के बेटे सोनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में संजय, उसके पिता जयवीर और नरेश को नामजद कराया गया था। सोनू ने रिपोर्ट में बताया था कि उसकी चचेरी बहन की शादी संजय नामक युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही संजय उसकी चचेरी बहन को परेशान करता था।
इसे लेकर कई बार पंचायत भी हो चुकी थी। उसके पिता नत्थूराम से भी संजय की गरमा-गरमी हुई थी। इसी से क्षुब्ध होकर संजय और अन्य आरोपियों ने उसके पिता की हत्या कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश यादव ने अभियोजन की ओर से इस मामले में पैरवी की थी।
बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी होने पर जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण उपाध्याय ने जयवीर और नरेश को साक्ष्य के अभाव में बरी करते हुए संजय को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।