गाजियाबाद। चर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की फाइनल बहस बुधवार को भी जारी रही। आरोपी ने करीब आधा घंटे तक खुद ही बहस की। इस बीच सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने कोर्ट में विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कोली जो बहस कर रहा है, वह पूर्व में भी कर चुका है।
इस पर कोर्ट ने कोली को बहस न दोहराने की चेतावनी देते हुए बाकी बहस के लिए 18 मई की तारीख लगा दी। डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आरोपी कोली को बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। जमानत पर चल रहा मामले का दूसरा आरोपी मोनिंदर सिंह पंधेर भी कोर्ट में पेश हुआ।
अपनी बहस में कोली ने कहा कि सीबीआई ने उसे फंसाने के लिए फर्जी गवाह तैयार किए हैं। रीना, पूर्णिमा और प्रतिमा नामक जिन युवतियों ने कोर्ट में बयान दिया था कि उन्हें भी उसने डी-5 कोठी में बुलाने की कोशिश की थी, आखिर ऐसी क्या वजह थी कि यह बात उन्होंने करीब एक साल तक अपने घरवालों या अन्य परिजनों को नहीं बताई।
इसके अलावा कोली ने माया सरकार नामक एक घरेलू नौकरानी का नाम भी कोर्ट में लिया। कोली ने कहा कि माया सरकार ज्यादातर घर में ही रहती थी, ऐसे में उसकी गवाही महत्वपूर्ण होती मगर सीबीआई ने उसे गवाह ही नहीं बनाया।
अब यह पता ही नहीं है कि आखिर माया सरकार कहां है। इसके बाद कोली ने जैसे ही बरामद मानव खोपड़ियों की संख्या को लेकर बहस शुरू की, वैसे ही विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने कोर्ट में अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कोली इस बात को कई बार कोर्ट के समक्ष रख चुका है। उसकी यह सभी बातें पूर्व में ही उसके बयानों में आ चुकी हैं।