सुचेतापुरी कालोनी में सोमवार दोपहर एक दरोगा की पुत्रवधू ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जाता है कि चार माह पहले नामकरण के दिन ही उसकी बच्ची की मौत हो गई थी तब से महिला डिप्रेशन में थी। घटना के वक्त महिला घर पर अकेली थी। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सुचेतापुरी कालोनी में दरोगा वीके शर्मा परिवार समेत रहते हैं और उनकी तैनाती मोदीनगर कोतवाली में कंट्रोल रूम पर है। परिवार में पत्नी सविता के अलावा दो बेटे रविशंकर और अमित हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। अमित की शादी धौलाना (पिलखुवा) के नागल जठ गांव निवासी मंजू (28) से 9 साल पहले हुई थी। अमित गाजियाबाद के लालकुआं स्थित आईएमएस इंस्टीट्यूट में नौकरी करता है।
बताया जाता है कि चार माह पहले नामकरण समारोह के दिन ही मंजू की बच्ची की मौत हो गई थी तभी से वह डिप्रेशन में थी।सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वीके शर्मा की बड़ी पुत्रवधू सुचेतरा बच्चों के स्कूल में पेरेंट्स मिटिंग में गईं थीं जबकि मंजू घर पर अकेली थीं। करीब एक बजे जब सुचेतरा वापस लौटीं तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद देखकर उन्होंने मंजू को आवाज लगाई।
काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर कालोनी के लोग एकत्र हो गए और कालोनी निवासी दीवार फांदकर मकान में दाखिल हुए। अंदर मकान में बनी दुकान के शटर से मंजू रस्सी का फंदा बनाकर लटकी हुई थी। आनन-फानन में कालोनी वासियों ने शव को नीचे उतारा और उसे निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां डाक्टरों ने मंजू को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा ने बताया कि मृतका के मायके वालों को सूचना कर दी गई है। पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामला सुसाइड से जुड़ा है। रस्सी को कब्जे में लेते हुए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए गए हैं।