शालीमार गार्डन स्थित 80 फुट रोड के किनारे बने अवैध कबाड़ गोदाम में शनिवार तड़के आग लग गई और धुआं फैल गया। धुएं से आसपास रहने वाले लोगों को घंटों सांस लेने में दिक्कत हुई। इससे हड़कंप मचा रहा। फायर ब्रिगेड ने पांच वाटर टेंडरों से 25 चक्कर लगाकर आग पर काबू पाया।
आग लगने का कारण बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी या शार्ट सर्किट माना जा रहा है।रिहाइशी इलाका होने के बावजूद शालीमार गार्डन में अवैध रूप से गोदाम बनाया गया था, जिसमें प्लास्टिक का कबाड़ भरा था। आसपास के लोगों के मुताबिक, तड़के करीब साढ़े पांच बजे कबाड़ गोदाम में आग लग गई।
धुआं फैलने पर आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, तो लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन काबू नहीं पा सके। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें और धुआं आसमान छूने लगा।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई, तो लोगों ने भी राहत की सांस ली। लोगों की मानें तो किसी ने जलती सिगरेट या बीड़ी गोदाम में फेंकी, जिससे आग लगी। इस संबंध में सीएफओ अक्षय रंजन ने बताया कि आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है।
हालांकि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि चिंगारी या फिर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। जांच की जा रही है।
‘दरोगा’ का है गोदाम
आसपास के लोगों ने बताया कि यह गोदाम उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक दरोगा का है, जिसमें पहले भी कई बार आग लग चुकी है। पिछले साल 23 दिसंबर की रात भी कबाड़ गोदाम में आग लगी थी, जिससे लोगों को परेशानी हुई थी। इसकी शिकायत भी पुलिस-प्रशासन से की गई थी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
दूसरी तरफ, सीएफओ का कहना है कि गोदाम मालिक का पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश की जा रही है।
कबाड़ के गोदाम में आग की घटनाओं से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। पेट्रोल डीजल गाड़ियों पर रोक लगाई जा रही है, मगर अवैध गोदामों की किसी को चिंता नहीं है।
- अमित राणा, निवासी शालीमार गार्डन
अवैध कबाड़ के गोदाम हादसों का कारण बनते हैं, लेकिन इन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन कदम नहीं उठाता। गोदाम चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- पवन रेड्डी, निवासी शालीमार गार्डन