फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैस एजेंसी संचालक के घर 15 लाख का डाका

Mon, 05 Sep 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
विज्ञापन
लूट, क्राइम - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
चिरोडी गांव में गैंस एजेंसी संचालक प्रवीण कुमार के घर एक दर्जन बदमाशों ने डाका डाला और 15 लाख की ज्वैलरी-नगदी लूटकर ले गए। इस दौरान उन्होंने लाठी और पेचकस से वार कर परिवार के चार सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस के सिपाही समेत गांव ही दो नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है।  
विज्ञापन


प्रवीण कुमार की गांव में ही अन्नपूर्णा गैस एजेंसी है। शनिवार रात वह और उनके परिवार के सदस्य घर में सोए हुए थे। रात करीब डेढ़ बजे एक दर्जन बदमाश लाठी-पेचकस लेकर उनके घर में घुस गए। बदमाशों ने प्रवीण, उनके पिता गंगाराम, मां प्रेमवती और पत्नी मीनू पर लाठियों और पेचकस से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें घायल कर दिया।

घर में रखे छह लाख रुपये और करीब नौ लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी लेकर भाग गए। बदमाशों के जाने पर घायलों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी देहात, सीओ और एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया,
विज्ञापन


फिंगर प्रिंट लिए गए। सीओ अनिल यादव ने बताया कि जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है। पीड़ित ने अमित निवासी चिरोडी लोनी, जितेंद्र निवासी नोएडा और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अमित दिल्ली पुलिस में सिपाही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

भूमि विवाद से जुड़े हैं डकैती के तार
सीओ ने बताया कि नोएडा निवासी जितेंद्र को प्रवीण ने मौके पर पहचाना। प्रवीण का जितेंद्र से बंथला गांव स्थित एक भूखंड को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ समय पूर्व दोनों पक्षों के बीच एक पंचायत भी हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो सका था।
 
पुलिस नहीं करती गश्त
 पुलिस अफसर दावा करते हैं कि पुलिस टीमें रात तीन बजे तक गश्त करती हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस गश्त के नाम पर औपचारिकता करती है। आए दिन बदमाश चिरोडी मंडी में दहशत फैलाने को फायरिंग कर भाग जाते हैं। पुलिस बदमाशों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाती। घटना के बाद से गांव के लोगों में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें