पांच फरवरी को बिजनौर से सतेंद्र की बहन की शादी से लौटकर आए दंपति में छह फरवरी को खूब झगड़ा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि सतेंद्र के दिमाग में तभी हत्या की ‘स्क्रिप्ट’ लिखी गई थी।
इस मामले में मृतका के पिता ओमवीर ने सतेंद्र के अलावा उसके पिता सतपाल को भी आरोपी बनाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। बृहस्पतिवार को कविनगर पुलिस ने सतेंद्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया जबकि उसके पिता को मसूरी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
सतपाल 31 दिसंबर 2016 को ही रिटायर्ड हुए हैं। वह यूपी पुलिस में वायरलेस ऑपरेटर थे। आरोप है कि दहेज की खातिर राजकुमारी की हत्या करने के बाद सतेंद्र और सतपाल ने उसे कार में डाला था। इस घटना से ओमवीर के परिवार में कोहराम मचा है।
इंद्रवती का सर्वोदय अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है। बता दें कि गंगापुरम में डेयरी संचालक सतेंद्र तेवतिया ने कार में बैठी पत्नी राजकुमारी (33) की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पत्नी के शव को कार में रखकर ससुराल पहुंचा था, जहां उसने सास इंद्रवती (60) को भी तीन गोलियां मारीं थीं।
आरोपी ने गोविंदपुरम चौकी जाकर सरेंडर कर दिया था। राजकुमारी पुत्री ओमवीर सिंह बी-16 कृष्णा गार्डन गोविंदपुरम थीं। ओमवीर सिंह सरकारी स्कूल से रिटायर्ड टीचर हैं। पांच दिसंबर 2003 को मसूरी के गंगापुरम के रहने वाले रिटायर्ड दरोगा सतपाल तेवतिया के बेटे सतेंद्र तेवतिया से राजकुमारी की शादी हुई थी। सतेंद्र मूलरूप से दादरी गौतमबुद्धनगर का रहने वाला है।
बेटे ने साथ जाने की जिद की थी
सतेंद्र और राजकुमारी के तीन बच्चे हैं, अंशिका (11) छठवीं में पढ़ती है, जाह्नवी (6) सेकेंड और प्रिंस (4) एलकेजी में हैं। तीनों ब्राइट लैंड स्कूल में पढ़ते हैं। अब तीनों दादी मीना के पास हैं।
उन्होंने बताया कि जब सतेंद्र राजकुमारी को लेकर जा रहा था तब प्रिंस ने जिद की थी कि वह भी नानी के घर जाएगा मगर सतेंद्र ने उसे डांट कर मना कर दिया था। राजकुमारी ने बेटियों से कहा कि वे भी चलें, उनकी छुट्टियां हैं, तो बेटियों ने एग्जाम की तैयारी करना बताकर साथ जाने से इंकार कर दिया था।