कचहरी परिसर में सोमवार दोपहर जहां एक ओर वकीलों के दो गुटों में हंगामा चल रहा था, ठीक उसी समय पेशी पर आया एक बंदी अभिरक्षा में तैनात सिपाही का हाथ झटककर निकल भागा। बहादुर सिपाही ने भी करीब आधा किलोमीटर तक आरोपी का पीछा किया और उसे धर दबोचा।
डासना जेल से एक बंदी 21 नंबर कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी के बाद जैसे ही पुलिसकर्मी बंदी को लेकर निकला, वैसे ही वह तेजी से हाथ झटककर निकल भागा। सिपाही ने भी शोर मचाते हुए उसका पीछा शुरू कर दिया। हरे रंग की शर्ट पहना बंदी वकीलों की चेंबर की पतली गलियों में जाकर गायब हो गया।
पहले तो लोगों ने समझा कि वकीलों का ही हंगामा हो रहा है, मगर सिपाही को इधर-उधर भागते देख काफी लोग मौके पर एकत्र हो गए। सिपाही जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि हरे रंग की शर्ट पहने बंदी फरार हुआ है। इस पर वकीलों ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी।
इसी बीच बंदी ने चुपचाप अपनी शर्ट निकाली और बनियान में ही भागने लगा, मगर सिपाही की नजर उस पर पड़ गई। इसके बाद एक बार फिर से बंदी और सिपाही के बीच दौड़ शुरू हो गई। आखिर में सिपाही ने होमगार्ड कमांडेंट आफिस में घुसे बंदी को धर दबोचा। तब तक अन्य पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए थे।
सिपाही की बहादुरी की सभी ने जमकर तारीफ की। बताया जाता है कि बंदी हत्या के एक मामले में आरोपी है।