हिमांशी कश्यप की मौत के मामले में शुक्रवार को लखनऊ की एफएसएल की छह सदस्यीय टीम ने सांसद नरेंद्र कश्यप के घर पर रीकंस्ट्रक्शन ऑफ क्राइम सीन किया। महिला कांस्टेबल पर हिमांशी की तरह उस दिन की घटना को दोहराने की कोशिश की गई।
जांच पड़ताल करीब दो घंटे तक चली। फोरेंसिक टीम छह दिन में जांच रिपोर्ट पुलिस अफसरों को देगी। उम्मीद है कि इस जांच से साफ हो पाएगा कि हिमांशी की मौत हत्या थी या आत्महत्या।
सीओ द्वितीय और केस के आईओ मनीष मिश्रा ने बताया कि रीकंस्ट्रक्शन के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निदेशक श्याम बिहारी उपाध्याय, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ग्यासुद्दीन, अरुण कुमार शर्मा, वरिष्ठ सहायक वैज्ञानिक अतुल त्रिपाठी समेत छह लोग सुबह 9.30 बजे सांसद नरेंद्र कश्यप के घर पहुंचे।
सीओ द्वितीय ने बताया कि सांसद के घर से मिली सीसीटीवी फुटेज को भी एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। यह प्रयास किया जा रहा है कि डाटा रिकवर हो जाए। एफएसएल टीम के पदाधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान उन्होंने दरवाजे की कुंडी चेक की।
घटना के दौरान घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की। बता दें कि छह अप्रैल को सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी कश्यप की मौत गोली लगने से हो गई थी। गोली किसने चलाई यह साफ नहीं हो सका है। परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सांसद नरेंद्र कश्यप, पत्नी देवेंद्री और उनका बेटा डॉ. सागर जेल में हैं। सांसद की दो बेटियां और छोटा बेटा भागा हुआ है। आसपास के लोगों का कहना था कि एफएसएल की जांच से नोएडा का चर्चित आरुषि हेमराज मर्डर केस याद आ गया। इसी तरह वहां भी सीन को रीकंस्ट्रक्शन करके देखा गया था।